नवोदित फनकारों ने रफी व मुकेश के नगमे सुना किया मंत्रमुग्ध

दूरदर्शन ज्ञानदीप मंडल के तत्वावधान में गोल मार्केट स्थित ज्ञानदीप कांफ्रेंस हाल में गीत संगीत का जाम मोहम्मद रफी मुकेश के नाम रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्रीय व गैर जनपद के कलाकारों ने रफी व मुकेश के नगमें सुनाकर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

JagranPublish: Sun, 17 Oct 2021 08:35 PM (IST)Updated: Sun, 17 Oct 2021 08:35 PM (IST)
नवोदित फनकारों ने रफी व मुकेश के नगमे सुना किया मंत्रमुग्ध

मेरठ, जेएनएन। दूरदर्शन ज्ञानदीप मंडल के तत्वावधान में गोल मार्केट स्थित ज्ञानदीप कांफ्रेंस हाल में 'गीत संगीत का जाम मोहम्मद रफी मुकेश' के नाम रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय व गैर जनपद के कलाकारों ने रफी व मुकेश के नगमें सुनाकर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के आयोजक एडवोकेट डा. जमील अहमद शाद ने बताया कि कार्यक्रम में गाजियाबाद, देवबंद, मेरठ, हस्तिनापुर आदि शहरों से आए कलाकारों तथा स्थानीय फनकारों ने एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दीं और अपनी आवाज का लोहा मनवाया। नफीस अहमद ने हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरहा। मोहम्मद खालिद ने क्या हुआ तेरा वादा, भास्कर ने खुदा भी आसमां से जब जमी पर देखता होगा, अतुल मित्तल ने चांद सी महबूबा हो मेरी हुआ करम, प्रियांशु सागर ने क्या हुआ तेरा वादा, मोहम्मद शमी ने कोई नजराना लेकर आया, सन कुमार ने हीरे मोती ना चाहूं, जानकी बिष्ट ने तुम्हें चाहा रब से ज्यादा, लक्ष्मी रानी ने ओ मेरे सोना रे सोना, रिकू कुमार ने चांद से पर्दा कीजिए, दीपक ने ओ दुनिया के रखवाले, अमरदीप ने मधुबन में राधिका नाचे रे आदि अनेकों कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दीं।

दूसरे सत्र में संगम कला केंद्र के शिक्षक संगीत महेंद्र रावल की संगत पर उनके पौत्र निकुंज रावल ने ठुमरी प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया एवं श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके पश्चात निकुंज रावल की संगत पर उनके दादा महेंद्र रावल ने चोट दिल पर जो ऐसे खाओगे गजल की प्रस्तुति पर ज्ञानदीप काफ्रेंस हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके पश्चात फलावदा चेयरमैन अब्दुल समद, मोहम्मद हारुन आदि शायरों ने शेरो शायरी सुना कर वाहवाही लूटी। अध्यक्षता कर रहे नदीम अख्तर ने कलाकारों का उत्साहवर्धन कर मार्गदर्शन किया। मुख्य अतिथि फलावदा चेयरमैन अब्दुल समद रहे, जबकि संचालन आयोजक जमील शाद ने किया। संगीतकार महेंद्र रावल को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

Edited By Jagran

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