टिकट पर भाजपा में घमासान, नड्डा तक पहुंची शिकायत

विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा होते ही विरोध का पारा अचानक चढ़ गया है।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 06:45 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 06:45 AM (IST)
टिकट पर भाजपा में घमासान, नड्डा तक पहुंची शिकायत

मेरठ,जेएनएन। विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा होते ही विरोध का पारा अचानक चढ़ गया है। शहर विधानसभा सीट से दावेदारी कर रहे सुनील भराला के समर्थकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर प्रदर्शन किया। वहीं सिवालखास सीट के प्रत्याशी मनिन्दर पाल सिंह के खिलाफ एक टीम ने बागपत रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर पहुंचकर नारेबाजी की। हस्तिनापुर से दिनेश खटीक को दोबारा टिकट मिलने पर पूर्व विधायक गोपाल काली ने गंभीर आरोप लगाए हैं। काली ने इंटरनेट मीडिया पर दिनेश के मसले पर सीधी बगावत कर दी है।

सिवालखास विस सीट पर भाजपा ने विधायक जितेंद्र सतवाई का टिकट काटकर सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिन्दर पाल सिंह को दे दिया। रविवार को विस क्षेत्र के कई लोग पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और मनिन्दर को बाहरी व्यक्तिबताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि सिवाल क्षेत्र में बाहरी के बजाय अपने बीच के चेहरे को प्रत्याशी बनाना चाहिए। विरोध करने वालों ने पार्टी प्रत्याशी पर एक सैन्य अधिकारी की संपत्ति हड़पने का भी आरोप लगाया। टिकट नहीं बदलने पर 17 जनवरी को क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। मीनाक्षी 17 को लेंगी अहम फैसला

सिवालखास सीट पर दावेदारी जता रहीं मीनाक्षी भराला ने विरोध प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन 17 जनवरी को अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है। इसमें कोई अहम फैसला लेंगी। हालाकि रविवार को मनिन्दर ने विधायक जितेंद्र सतवाई और डा. जेवी चिकारा से मुलाकात कर अपने अनुकूल माहौल बनाने का प्रयास किया। दिल्ली तक विरोध की आच

शहर विस सीट के दावेदार के रूप में चर्चा में आए सुनील भराला की जगह पार्टी ने कमलदत्त को टिकट दिया, जिसके बाद भराला समर्थकों ने दिल्ली में जेपी नड्डा के घर समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। उनके भाई अजय भराला ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा 'अब कोई निर्णय करना पड़ेगा'। शहर में भी कुछ लोगों ने तख्तियां लेकर कमलदत्त के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, हस्तिनापुर सीट पर दावेदारी कर रहे पूर्व विधायक गोपाल काली ने दिनेश खटीक पर जमीन कब्जाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। शहर दक्षिण और सरधना सीट पर वर्तमान प्रत्याशियों के खिलाफ कोई मुखर विरोध नहीं हुआ, लेकिन अंदरूनी तपिश जरूर है। पार्टी और संगठन के कई चेहरों का रंग उड़ा हुआ है।

Edited By Jagran

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