लोकेंद्र का 105 मुकदमों में रिमाड बना रही पुलिस

4200 करोड़ के बाइक बोट घोटाले में गर्वित इनोवेटिड प्रा. लि (जीआइपीएल) कंपनी के सहायक निदेशक लोकेंद्र का 105 मुकदमों में रिमांड बनाया जा रहा है। दो साल से वह पुलिस को चकमा दे रहा था। एसटीएफ ने लोकेंद्र को मथुरा से गिरफ्तार किया है।

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 03:23 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 03:23 AM (IST)
लोकेंद्र का 105 मुकदमों में रिमाड बना रही पुलिस

मेरठ, जेएनएन। 4200 करोड़ के बाइक बोट घोटाले में गर्वित इनोवेटिड प्रा. लि (जीआइपीएल) कंपनी के सहायक निदेशक लोकेंद्र का 105 मुकदमों में रिमांड बनाया जा रहा है। दो साल से वह पुलिस को चकमा दे रहा था। एसटीएफ ने लोकेंद्र को मथुरा से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि मथुरा जिले के गोवर्धन चौराहे के पास से लोकेंद्र पुत्र सरदार सिंह निवासी कलाखूरी गांव जिला बुलंदशहर हाल निवासी सी-146 सेक्टर 36 ग्रेटर नोएडा को गिरफ्तार कर दादरी पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। लोकेंद्र ने एसटीएफ को बताया कि भारतीय सेना की 20 जाट रेजिमेंट से वर्ष 2017 में रिटायर्ड होने के बाद बाइक बोट में काम शुरू कर दिया था। फौजी होने के कारण लोगों ने उस पर भरोसा कर करोड़ों रुपये कंपनी में जमा करा दिए थे। 2019 में कंपनी बंद होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके के खिलाफ नोएडा के दादरी, गाजियाबाद के सीहनीगेट, कोतवाली, अलीगढ़ के बन्ना देवी, मेरठ के सिविल लाइन, गाजियाबाद के मोदीनगर, बागपत के बड़ौत, मुजफ्फरनगर के शाहपुर, बरेली कैंट व बुलंदशहर जिले की कोतवाली 105 मुकदमे दर्ज है, जिनमें से 84 मुकदमे अकेले दादरी थाने में दर्ज है। सभी मुकदमों में धोखाधड़ी की धाराएं लगी हुई है। लोकेंद्र की गिरफ्तारी के बाद सभी थानेदारों ने रिमांड बनाना शुरू कर दिया है। ताकि लोकेंद्र को सभी मुकदमों में आरोपित बनाया जा सके। एएसपी ने बताया कि लोकेंद्र की संपत्ति के बारे में जाच की जा रही है। ताकि जब्तीकरण की कार्रवाई की जा सके। इस प्रक्रिया को ईओडब्ल्यू को करना है।

Edited By Jagran

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