This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

Oxygen Crisis In Meerut: कहीं लंबा इंतजार तो कहीं जल्द मिल रहा सिलेंडर, प्‍लांट में दिखे कुछ ऐसे नजारे

कोरोना संकट के बीच मेरठ में प्राण वायु के लिए जद्दोजहद का दौर जारी है। मेरठ में आक्सीजन की जरूरतें तेजी बढ़ रही हैं। आक्सीजन प्लांट पर लंबे इंतजार के बाद सिलेंडर मिलने के बाद भी लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है।

Prem Dutt BhattSat, 08 May 2021 11:00 PM (IST)
Oxygen Crisis In Meerut: कहीं लंबा इंतजार तो कहीं जल्द मिल रहा सिलेंडर, प्‍लांट में दिखे कुछ ऐसे नजारे

मेरठ, जेएनएन। Oxygen Crisis In Meerut मेरठ में आक्सीजन की जरूरतें तेजी बढ़ रही हैं। आक्सीजन प्लांट पर लंबे इंतजार के बाद सिलेंडर मिलने के बाद भी लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। शनिवार को भी व्यक्तिगत सिलेंडर भरने वाले दोनों ही गैस प्लांट पर ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। उद्योगपुरम स्थित अग्रवाल गैस प्लांट पर शुक्रवार रात करीब सवा एक बजे ही आक्सीजन समाप्त होने के कारण शनिवार दिन भर लोगों को आक्सीजन नहीं मिल सका। सैकड़ों लोग अपना सिलेंडर रखकर नंबर लगाए बैठे रहे। वहीं दिल्ली रोड स्थित माहेश्वरी प्लांट पर शाम पांच बजे तक सवा सौ से अधिक लोगों के सिलेंडर भरे गए। आक्सीजन मिलने के कारण दूसरे प्लांट से भी लोग यहां पहुंचे और जल्द सिलेंडर पाने की कोशिश की।

हर जगह लगा रखा नंबर

आक्सीजन की कतार जहां-जहां लगी है वहां एक परेशान तो दूसरा मुनाफा कमाने के लिए खड़ा है। लोगों की परेशानी और बढ़ाकर उन्हें महंगे आक्सीजन सिलेंडर देने का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती बाहर न दिखने के कारण सही मायने में परेशान लोगों की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कुछ लोग जल्द सिलेंडर पाने के लिए तासे कुछ लोग अधिक सिलेंडर पाने के लिए हर जगह नंबर लगाए हुए हैं। तीन-चार दिनों से लगातार बहन के लिए आक्‍सीजन सिलेंडर लेकर जा रहे कंकरखेड़ा के अंकुर शर्मा के अनुसार आक्सीजन का घंटों इंतजार करने के बाद कहा कि हम जैसे जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है लेकिन वहीं से फर्जी कागजातों पर सिलेंडर भर कर ले जाने वाले पीछे से आकर 18-20 हजार रुपये में सिलेंडर देने का आफर देते हैं।

पानी भी मिल रहा महंगा

कतार में खड़े रहने के दौरान 20 रुपये का पानी भी 30 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। दूर के रिश्तेदारों की लगी भीड़ सही मायने में जिन्हें जरूरत है वह परेशान हैं और दूसरों के कागजातों या फिर पुराने मरीजों या मृत मरीजों के कागजातों पर आक्सीजन सिलेंडर भरवाने वालों ने भीड़ बढ़ा रखी है। मौके पर सिलेंडर भर कर देने से पहले मरीज का आधार कार्ड, चिकित्सक की पर्ची और कोविड की पाजिटिव रिपोर्ट देखी जा रही है। लेकिन यह किसी को नहीं पता है कि आखिर जिस मरीज के लिए आक्सीजन सिलेंडर ली जा रही है वह जीवित है या नहीं। वह अब भी बीमार है या स्वस्थ हो चुके।

यह है हालात

आक्सीजन सिलेंडर के लिए कतार में लगे लोगों से कोई यह नहीं पूछता है कि वह सिलेंडर किसके लिए खरीद रहे हैं। कुछ लोगों से इस बाबत पूछे जाने पर दूर का रिश्तेदार बताते हैं। आक्सीजन सिलेंडर एक व्यक्ति को एक ही दी जा रही है लेकिन लेने की कतार में झुंड बनाकर लोग आक्सीजन सिलेंडर ले रहे हें। बीच में कोई व्यक्ति विरोध करता है सभी उसी पर टूट पड़ते हैं और मामले को शांत करने की कोशिश करते हैं। अग्रवाल गैस प्लांट के संचालक अमित अग्रवाल के अनुसार शनिवार शाम सात बजे करीब पांच टन आक्सीजन आया। ढाई से तीन घंटे में उतारने के बाद करीब 10 बजे से गैस रहने तक वितरण चला। माहेश्वरी गैस प्लांट के सुनील कुमार के अनुसार शनिवार को आक्सीजन की सप्लाई अच्छी रही है और रविवार को और बेहतर रहने की उम्मीद है।

मेरठ में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!