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Mukim Kala Murder News: मुकीम ने गुरु मुस्तफा से ली थी हत्‍या की ट्रेनिंग, पुलिस और मुखबिरों को बनाता था टारगेट

Mukim Kala Murder in Jail News मुकीम काला ने अपने गुरु मुस्तफा से पुलिसकर्मियों की हत्या करना सीखा था। मुखबिरी करने वालों को था खोजता फिर कर देता था आरोपित हत्या। कुख्यात मुकीम काला अधिकतर सहारनपुर शामली और मुजफ्फरनगर में अपराध करता था।

Taruna TayalFri, 14 May 2021 06:49 PM (IST)
Mukim Kala Murder News: मुकीम ने गुरु मुस्तफा से ली थी हत्‍या की ट्रेनिंग, पुलिस और मुखबिरों को बनाता था टारगेट

सहारनपुर, जेएनएन। चित्रकूट जेल में मारा गया कुख्यात मुकीम काला अधिकतर सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में अपराध करता था। जेल में जाने के बाद उसका आतंक कुछ कम जरूर हुआ था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह जेल के अंदर से भी रंगदारी वसूलता था। बरेली के आंवला के सीओ चमन सिंह चावड़ा की माने तो वह उन पुलिसकर्मियों के पीछे पड़ जाता था, जो उसे टारगेट बनाकर चलते थे। उन्हें परिवार की धमकी देता था। साथ ही ऐसे लोगों पर भी ध्यान रखता था, जो उसकी मुखबिरी करते थे। उसने कई ऐसे निर्दोष लोगों की मुखबिरी के शक में हत्या की है।

स‍िर्फ शक में ही कर दी कई हत्‍याएं

वर्तमान में बुलंदशहर के औरंगाबाद थाने में बतौर प्रभारी इंस्पेक्टर सचिन मलिक 2012 में मुजफ्फरनगर में तैनात हुआ करते थे। सचिन मलिक को टारगेट मिला कि मुकीम काला को गिरफ्तार करना है। जिसके बाद सचिन मलिक आरोपित मुकीम काला के पीछे पड़ गए। कई बार उससे मुठभेड़ हुई, लेकिन आरोपित हर बार बच जाता था। इसके बाद मुकीम काला ने सचिन मलिक और उसके परिवार को टारगेट बना लिया।

सचिन मलिक बताते हैं कि मुकीम काला ने अपने गैंग के साथी साबिर और इरशाद को उनके गांव में घर पर भेज दिया। सचिन मलिक के दुकानदार भाई से सचिन मलिक का नंबर मांगने लगे। शक हुआ तो भाई ने सचिन से बात कराने की कोशिश की, लेकिन आरोपितों ने बात नहीं की। जिसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया, लेकिन वह हवा में फायरिंग करते हुए फरार हो गए। जिससे साफ है कि वह सचिन मलिक के परिजनों को भी टारगेट बनाना चाहते थे। इसी तरह से नेहरू मार्केट में मोबाइल की दुकान करने वाले एक व्यापारी को केवल इसलिए मार दिया था कि वह मुखबिरी करता है। जबकि व्यापारी ने कोई मुखबिरी नहीं की थी।

बेहट के धोलाकुआं में की थी सिपाही की हत्या

सहारनपुर के बेहट के धोलाकुआं गांव में मुकीम काला ने खनन के लाखों रुपये लूटे थे। इस वारदात को 14 अक्टूबर 2011 में अंजाम दिया गया था। उसी समय पिकेट पर तैनात सिपाही बलबीर और एक होमगार्ड आ गए। उन्होंने बदमाशों का पीछा किया तो मुकीम काला ने बलबीर को गोली मार दी थी। बलबीर शहीद हो गया था। जबकि होमगार्ड घायल हो गया था। हालांकि इसी दिन धोलाकुआं गांव में मुकीम काला ओर उसके गैंग के लोगों को ग्रामीणों ने घेर लिया था। दो बदमाशों को मार गिराया था।

Edited By: Taruna Tayal

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