मौलाना अरशद मदनी ने कहा, पेट पर पत्थर बांधकर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं मुसलमान

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। साथ ही दीनी माहौल में बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल और कालेजों की स्थापना पर जोर दिया।

Taruna TayalPublish: Mon, 24 Jan 2022 12:18 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 07:00 AM (IST)
मौलाना अरशद मदनी ने कहा, पेट पर पत्थर बांधकर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं मुसलमान

सहारनपुर, जागरण संवाददाता। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। साथ ही दीनी माहौल में बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल और कालेजों की स्थापना पर जोर दिया।

मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा कि देश में जिस तरह की धार्मिक और वैचारिक जंग अब शुरू हुई है। इसका मुकाबला किसी टैक्नोलोजी से नहीं किया जा सकता। बल्कि इसमें सफलता प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है।

सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक मुसलमान शिक्षा के क्षेत्र में दलितों से भी पीछे हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सत्ता में आने सभी सरकारों ने हमें शैक्षिक पिछड़ेपन का शिकार बनाए रखा। कहा कि मुसलमान शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े तब ही वह अपनी योग्यता और क्षमता को दिखा सकते हैं।

मदनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि मुसलमान पेट पर पत्थर बांधकर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं। हमें ऐसे स्कूल और कॉलेजों की अति आवश्यकता है जिनमें दीनी माहौल में हमारे बच्चे उच्च आधुनिक शिक्षा किसी बाधा और भेदभाव के बिना प्राप्त की जा सके।

Edited By Taruna Tayal

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