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Coronavirus: कोरोना जैसे दर्जनों वायरस हैं.. भ्रमित न हों, जानिए इसके लक्षण Meerut News

दर्जनभर प्रकार के वायरस फ्लू के लक्षणों संग उभरते हैं और सात दिन का चक्र पूरा कर शरीर से निकल जाते हैं। कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मरीजों ही नहीं डाक्टरों में भी भ्रम बढ़ा है।

Prem BhattMon, 10 Feb 2020 10:30 AM (IST)
Coronavirus: कोरोना जैसे दर्जनों वायरस हैं.. भ्रमित न हों, जानिए इसके लक्षण Meerut News

मेरठ, जेएनएन। Coronavirus कोरोना के खौफ से दुनियाभर के माथे पर पसीना छलक रहा है। किंतु इसके लक्षणों पर न जाएं। अन्यथा हर सर्दी-जुकाम और खांसी संदेह में डालेगी। तकरीबन दर्जनभर वायरस ऐसे हैं, जो सांस की नली में संक्रमण बनाकर कोरोना के लक्षणों के साथ उभरते हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में कोरोना के तीन स्ट्रेन पाए भी जाते हैं।

फ्लू के लक्षणों के साथ हैं उभरते

एनसीआर-मेरठ के आसपास एन्फ्लुएंजा वायरस ज्यादा है। हर साल बड़ी संख्या में लोग सर्दी, जुकाम, खांसी, सांस फूलने, थकान और आक्सीजन की कमी के संकट से जूझते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दर्जनभर प्रकार के वायरस फ्लू के लक्षणों के साथ उभरते हैं और सात दिन का चक्र पूरा कर शरीर से निकल जाते हैं। किंतु कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मरीजों ही नहीं, डाक्टरों में भी भ्रम बढ़ा है।

प्रतिरोधक क्षमता कम तो हर वायरस खतरनाक

नई दिल्ली से बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच की गई है। एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू और सामान्य फ्लू से मौत की दर तकरीबन समान है, किंतु एच1एन1 का खौफ ज्यादा आंका जाता है। मरीज की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर कोई भी वायरस निमोनिया बना देता है। एक्स-रे जांच में फेफड़ों में सफेद धब्बे दिखाई पड़ते हैं जो खतरनाक है। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवनीत राणा कहते हैं कि फेफड़ों की ताकत घटने से सांस का मरीज आइसीयू में जल्द पहुंच रहा है।

डरें नहीं..इन सबके लक्षण समान हैं

एन्फ्लुएंजा वायरस

पैरा एन्फ्लुएंजा

ह्यूमन कोरोना वायरस

आरएसवी

एडीनो वायरस

इंटरोवायरस

राइनो वायरस

मेटानिमो वायरस

ये कोरोना तो दक्षिण भारत में भी मिल चुके

229 ई-एल्फा कोरोना वायरस

एनएल-63-एल्फा कोरोना वायरस

ओसी43-बीटा कोरोना वायरस

ये हैं ज्यादा जानलेवा

मिडिल ईस्ट रिस्पेरेटिरी सिंड्रोम-मर्स-बीटा कोरोना वायरस

सीवियर एक्यूट रिस्पेरिटरी सिंड्रोम-सार्स-बीटा कोरोना वायरस

2019 नोवल कोरोना वायरस-नया स्ट्रेन

इनका कहना है

दक्षिण भारत में कोरोना के तीन स्ट्रेन कभी कभार देखे गए हैं, हालांकि ये नोवल कोरोना जैसा घातक नहीं है। मेरठ में एन्फ्लुएंजा वायरस का संक्रमण ज्यादा है। तकरीबन सभी वायरस सांस पर अटैक करते हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर, सफाई रखकर व फेफड़ों की ताकत बढ़ाकर रोगों से बचा जा सकता है।

- डा. अमित गर्ग, माइक्रोबायोलोजिस्ट, मेडिकल कालेज 

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