कोरोना के 891 मरीज मिले, 1780 हुए स्वस्थ

लगातार तीसरे दिन भी जिले में कोरोना संक्रमण के मामले एक हजार कम आए हैं और 1780 मरीज डिस्चार्ज हुए जोकि अच्छे संकेत हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आप पुन लापरवाही पूर्ण व्यवहार पर लौट आएं।

JagranPublish: Thu, 20 Jan 2022 06:42 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 06:42 AM (IST)
कोरोना के 891 मरीज मिले, 1780 हुए स्वस्थ

मेरठ : लगातार तीसरे दिन भी जिले में कोरोना संक्रमण के मामले एक हजार कम आए हैं और 1780 मरीज डिस्चार्ज हुए, जोकि अच्छे संकेत हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आप पुन: लापरवाही पूर्ण व्यवहार पर लौट आएं। अभी भी शहर के जयभीमनगर, कंकरखेड़ा, पल्हेड़ा समेत अन्य हिस्सों में संक्रमण की चेन कमजोर नहीं पड़ी है, यहां रोज संक्रमित पाए जा रहे हैं। बुधवार को जिले में 6732 सैंपलों की जांच में 891 संक्रमित मिले हैं। संक्रमण दर अभी भी 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि 891 मरीजों में से जिले भर में 555 नए मरीज मिले, जबकि 336 मरीज संक्रमितों की कांटेक्ट ट्रेसिंग के तहत पाजिटिव पाए गए हैं। अब जिले में कोरोना संक्रमण से ग्रसित 6298 सक्रिय मरीज है। इनमें 48 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और 6250 मरीज होम आइसोलेशन पर रहकर अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं, डाक्टरों का कहना है कि इस बार अधिकांश संक्रमितों को गंभीर समस्या नहीं हो रही लेकिन पहले से किसी बीमारी से ग्रसित रोगियों में संक्रमण गंभीर समस्या बना रहा है। ठंड होने के कारण लोग सामान्य सर्दी-जुकाम से भी पीड़ित हो रहे हैं ऐसे में बीमार पड़ने पर समय पर संक्रमण की जांच जरूरी है। जिससे घर के अन्य लोगों को संक्रमित होने से बचाया जा सके। वहीं, जिले में बुधवार को सबसे अधिक जयभीमनगर में 136, कंकरखेड़ा में 70, पल्हेड़ा में 64, मवाना में 47, नंगलवा बट्टूं में 42, राजेंद्र नगर में 40, रजबन में 36, पुलिस लाइन में 34 मरीज मिले हैं।

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इनका कहना है

अभी तक जो मरीज मिले हैं उनमें गंभीर समस्या नहीं देखने को मिली है। संक्रमण गले में असर डाल रहा हैं फेफड़ों तक नहीं पहुंच रहा है जिससे मरीजों की रिकवरी भी जल्दी देखने को मिल रही है। सर्दी-जुकाम व बुखार होने पर अगर तीन से चार दिन बाद भी बुखार 100 फारेनहाइट से ऊपर रहे तो जांच जरूर कराएं। संक्रमितों में सांस लेने में तकलीफ होने या फिर छह मिनट वाक के बाद आक्सीजन लेवल 94 से नीचे जाने पर डाक्टर से संपर्क करें। 60 से अधिक आयु के बुजुर्ग निमोनिया की वैक्सीन लगवा सकते हैं। बुजुर्ग, बच्चे घरों में रहे और गर्म कपड़े पहनकर रहें।

डा. वीरोत्तम तोमर, सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ

Edited By Jagran

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