छह स्थानों पर पुतला दहन, शेष स्थानों पर पुलिस ने किया नजरबंद

लखीमपुर खीरी घटना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान संगठनों से केंद्र व राज्य सरकार के प्रतीकात्मक पुतले फूंकने का आहवान किया था।

JagranPublish: Sun, 17 Oct 2021 06:44 AM (IST)Updated: Sun, 17 Oct 2021 06:44 AM (IST)
छह स्थानों पर पुतला दहन, शेष स्थानों पर पुलिस ने किया नजरबंद

मेरठ, जेएनएन। लखीमपुर खीरी घटना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान संगठनों से केंद्र व राज्य सरकार के प्रतीकात्मक पुतले फूंकने का आहवान किया था। पुतले फूंकने को लेकर पुलिस-प्रशासन एलर्ट रहा। मेरठ जिले में कई स्थानों पर पुतला फूंकने के समय से पहले ही पुलिस ने किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। वहीं, जिले में छह स्थानों पर पुतले दहन कर विरोध जताया गया।

भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सिवाया टोल पर स्वयं, सकौती में प्रशांत, दबथुवा में गजेंद्र सिंह, छुर में निक्की तालियान व घोपला में विजयपाल घोपला के नेतृत्व में घोपला में पुतले दहन किए। उन्होंने बताया कि मवाना, हस्तिनापुर, किला-परीक्षितगढ़ समेत कई स्थानों पर पुलिस ने पुतला फूंकने से पहले ही भाकियू कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया।

पसवाड़ा में पुलिस से नोकझोंक

जय किसान आंदोलन ने मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी के नेतृत्व में पुतले दहन किए। प्रदेश प्रवक्ता मनीष भारती ने बताया कि बीते दिनों भाजपा विधायक को काले झंडे दिखाने पर दर्ज किए गए मुकदमे को लेकर पुलिस से नोकझोंक हुई। अशोक पंवार ने कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे, तब तक किसान संघर्ष करता रहेगा।

गांवों में पहुंचे राकेश टिकैत के पुत्र

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पुत्र चरण सिंह शनिवार को परतापुर क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों से जनसंपर्क किया। उन्होंने कृषि कानूनों के विरोध में किसानों से आंदोलन में हिस्सा लेने का आहवान किया। कहा कि आंदोलन को मजबूती देना बहुत जरूरी हो गया है।

Edited By Jagran

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