घी-मक्खन के बिना न खाएं साग-सब्जी और दाल

सर्दी के मौसम में हर रंग की साग-सब्जी और फल आसानी से मिल जाते हैं जिन्हें खाने से न सिर्फ सर्दी से बचाव होता है बल्कि खांसी जुकाम बुखार पेट संबंधी बीमारियां कोरोना संक्रमण से भी बचा जा सकता है।

JagranPublish: Thu, 20 Jan 2022 07:35 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 07:35 AM (IST)
घी-मक्खन के बिना न खाएं साग-सब्जी और दाल

मेरठ, जेएनएन। सर्दी के मौसम में हर रंग की साग-सब्जी और फल आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें खाने से न सिर्फ सर्दी से बचाव होता है, बल्कि खांसी, जुकाम, बुखार, पेट संबंधी बीमारियां, कोरोना संक्रमण से भी बचा जा सकता है। इसके साथ ही सर्दी में मोटा अनाज जैसे मक्का, बाजरा, ज्वार, दलिया के अलावा देसी घी और सफेद मक्खन के साथ ही मौसमी फलों के जूस को खानपान में शामिल करना सभी आयु के लोगों के लिए लाभकारी है। सर्दी के मौसम में सुबह शाम लोग गरमागरम आलू, गोभी और मूली के पराठे खाना पसंद करते हैं, जो स्वाद के लिए अच्छे हैं, लेकिन सेहत के लिए ज्यादा पराठे खाना सहीं नहीं है। इस मौसम में पेट खराब होने की समस्या अधिक रहती हैं। इसलिए अधिक तेल और मसाले वाला भोजन रात में करने से बचना चाहिए। सप्ताह में दो से तीन बार रात के खाने में मूंग दाल की खिचड़ी के अलावा बाजरे की खिचड़ी और दलिया खाने से पेट खराब होने की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही खाने में देसी घी और मक्खन खाने से पेट की क्रियाशीलता बढ़ जाएगी। इस मौसम में पेट ठीक रखने के लिए रोजाना मौसमी, संतरा और अनार का एक गिलास जूस और आठ से दस गिलास पानी भी जरूर पीएं। यह भी जानें

-दाल, सब्जी और साग में एक चम्मच देसी घी और मक्खन जरूर डालें। इससे पेट की क्रियाशीलता बढ़ती है और अपच व एसिडिटी से भी बचाव होता है।

-आयुर्वेद में भी खांसी में मक्खन का सेवन करने की सलाह दी गई है। इससे गले की खराश में आराम मिलता है।

-सर्दी के मौसम में रात को सोने से पहले एक कप गर्म दूध में एक चम्मच देसी घी डालकर पीने से पित्त की समस्या खत्म हो जाती है। यह एंटीफंगल और एंटीवायरल भी है।

-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना एक संतरा या फिर संतरे का एक गिलास जूस जरूर पीएं। इससे सर्दी जुकाम में भी राहत मिलेगी।

-इस समय बाजार में खूब अमरूद आया हुआ है। इसमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा है। नियमित एक अमरूद खाने से पेट संबधी बीमारियां दूर होंगी।

-मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए खाने में लहसुन की चटनी को भी शामिल करें। इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी और पाचनतंत्र भी ठीक रहेगा।

-------- हर बीमारी का इलाज हमारे खानपान में छिपा हुआ है। हर मौसम में हमारा खानपान स्वयं बदल जाता है। फल और सब्जियों में बदलाव आ जाता है। इस समय हरी सब्जियों की अधिकता है। इसलिए दोपहर और रात के भोजन में एक हरी सब्जी को अवश्य शामिल करें। सप्ताह में एक बार साग भी जरूर खाएं। गेहूं के अलावा इस मौसम में बाजरा, मक्का और ज्वार की रोटी का सेवन भी जरूर करें। साथ ही दिन में आठ से दस गिलास पानी पीना भी न भूलें।

-डा. चिंकिता मलिक, खानपान विशेषज्ञ जिला अस्पताल

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept