Boycott of UP Elections: बागपत के खपराना गांव में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार, छलका वीरनारी का दर्द

UP Assembly Election 2022 बागपत के गांव खपराना के लोगों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। यह निर्णय सर्वजातीय पंचायत में लिया गया। आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने गांव में विकास नहीं कराया ।

Taruna TayalPublish: Thu, 27 Jan 2022 10:06 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 10:06 PM (IST)
Boycott of UP Elections: बागपत के खपराना गांव में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार, छलका वीरनारी का दर्द

बागपत, जागरण संवाददाता। गांव खपराना के लोगों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। यह निर्णय सर्वजातीय पंचायत में लिया गया। आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने गांव में विकास नहीं कराया। शहीद हुए सैनिक के अंतिम संस्कार में किसी जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने से भी ग्रामीणों में रोष है।

बुधवार को हुई सर्वजातीय पंचायत में प्रमोद ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक दलों के लोग यहां वोट मांगने आते हैं, लेकिन जीतने के बाद सुध नहीं लेते। रणबीर ङ्क्षसह ने कहा कि हमारे गांव का लाल शहीद हो गया लेकिन अंतिम संस्कार में कोई जनप्रतिनिधि व प्रशासन का बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। यह शहीद का अपमान है। ग्रामीणों ने किसी भी दल के प्रत्याशियों से गांव में वोट मांगने के लिए नहीं आने की अपील की। सूरजपाल, रामभूल, राजेंद्र सिंह, मनोज शर्मा, बालेश्वर पाल, रामपाल प्रजापति, छोटेराम कश्यप, मि_ू वाल्मीकि, रमेश दलित, शिवकुमार, कुलदीप शर्मा, राकेश आदि मौजूद रहे।

छलका वीरनारी का दर्द

खपराना निवासी सैनिक अनुज कुमार लद्दाख के द्रास सेक्टर में शहीद हो गए थे। पंचायत में मौजूद वीरनारी प्रियंका चौहान का दर्द भी छलका। उन्होंने पति की शहादत पर किसी जनप्रतिनिधि के नहीं आने पर अफसोस जताया। शासन प्रशासन से गांव का विकास कराने व शहीद को सम्मान देने की मांग की।

 

Edited By Taruna Tayal

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