यूपी चुनाव 2022: पलायन के जख्मों पर भरोसे का मरहम रखेंगे अमित शाह, जहां आए थे योगी, वहीं पहुंचेंगे

कैराना में बीते बरस नवंबर महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे और अब पहुंच रहे हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। प्रसिद्ध व्यापारी राकेश उर्फ टीटू के घर भी जाएंगे गृहमंत्री। गत नवंबर में मुख्यमंत्री योगी भी कर चुके कैराना का दौरा।

Taruna TayalPublish: Fri, 21 Jan 2022 09:58 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:40 AM (IST)
यूपी चुनाव 2022: पलायन के जख्मों पर भरोसे का मरहम रखेंगे अमित शाह, जहां आए थे योगी, वहीं पहुंचेंगे

शामली, जागरण संवाददाता। कैराना में बीते बरस नवंबर महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे, और अब पहुंच रहे हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। शनिवार को अमित शाह कैराना में पलायन के जख्मों पर भरोसे का मरहम रखेंगे। अपने जनसंपर्क अभियान के तहत वह कैराना निवासी मिठाई के प्रसिद्ध् व्यापारी राकेश उर्फ टीटू के घर जाएंगे। इस दौरान वह कई अन्य परिवारों से भी बात करेंगे। अमित शाह कैराना के लोगों को भरोसा दिलाने आ रहे हैं कि आप अब पूरी तरह सुरक्षित प्रदेश में हैं। भाजपा सरकार में कोई गुंडा आपको ना डरा सकता है और ना ही आपको नुकसान पहुंचा सकता है। तीन महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पलायन के बाद कैराना वापस लौटे परिवारों के साथ बातचीत की थी। इस दौरान पीडि़त परिवारों और कैराना के लोगों ने योगी सरकार की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि भाजपा सरकार ने जो कहा था, वह कर दिखाया।

अब वक्त एक बार फिर खुद को दोहरा रहा है। शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कैराना पहुंचेगे। भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि अमित शाह कैराना कस्बे के जोड़वां कुआं मोहल्ला निवासी राकेश उर्फ टीटू के घर जाएंगे। यहीं पर वह गौरव गर्ग, लोकेश कुमार, सोनाक्षी मित्तल, रमन गर्ग और राजकुमार सिंघल के परिवार वालों से भी मुलाकात करेंगे। ये सभी लोग पलायन के दंश से पीडि़त रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले राकेश पुत्र साधू के यहां बदमाशों ने दस लाख रुपये की रंगदारी का पत्र भेजा था। इससे भयभीत होकर राकेश कैराना छोड़कर चले गए थे। वह कुछ दिन अंबाला में रहे और उसके बाद उन्होंने कुछ समय देहरादून में बिताया था। इसके बाद जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी और लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिला तो वे लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौट आए थे। राकेश भी वापस लौट आए हैं और अपना पुश्तैनी कारोबार कर रहे हैं। शनिवार को अमित शाह राकेश के साथ कुछ अन्य लोगों के परिवारों से भी मिलेंगे। इसके बाद वह वैश्य धर्मशाला में भी कुछ लोगों से बात करेंगे। इस दौरान वे कैराना के सभी लोगों को भरोसा दिलाएंगे कि अब उन्हें गुंडे-बदमाशों से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अब यहां के लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। प्रदेश में अब कानून व्यवस्था की सरकार है और जो भी कानून से खिलवाड़ करेगा, उससे बेहद सख्ती से निपटा जाएगा।

बता दें कि गत नवंबर माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनिवाल और सांसद प्रदीप चौधरी ने मूला पंसारी के पोते विजय मित्तल के घर पर भोजन भी किया था और पलायन से लौटकर आए लोगों के परिवार वालों से बात की थी। योगी ने उस समय पीडि़तों के स्वजन और जनसभा के दौरान पूरे जिले के लोगों को भरोसा दिलाया था कि अब कैराना में पलायन नहीं होगा और गुंडे-बदमाशों के लिए कैराना ही नहीं पूरे प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

बाबा के बगल में बैठी हो, अब डरना मत

कैराना के पलायन पीडि़तों से मिलने के लिए योगी आदित्यनाथ नवंबर में यहां आए थे। यहां एक बच्ची को अपने बगल में बैठाकर मुख्यमंत्री ने पूछा था कि अब डर तो नहीं लगता। इसपर बच्ची ने कहा था कि जब आप हैं तो डर कैसा। वहीं बैठे स्वतंत्र देव ने कहा था कि बाबा के बगल में बैठी हो, अब बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह दृश्य बताता है कि मुख्यमंत्री ने किस तरह इन पीडि़त परिवारों में भरोसा जगाया था कि अब प्रदेश में केवल कानून का राज है। यहीं विजय मित्?तल के आवास पर रंगदारों से पीडि़त रहे शिवकुमार, राजेंद्र कुमार और विनोद सिंघल के स्वजन ने योगी से कहा था कि पहले यहां बाजार शाम छह बजे बंद हो जाते थे लेकिन जब से योगी सरकार आई है तब से आधीरात तक आराम से टहलते हैं। भाजपा सरकार न होती तो अब तक नब्बे प्रतिशत लोग यहां से पलायन कर चुके होते। अब अखबारों में हाथ उठाकर अपराधियों के सरेंडर करते फोटो देखकर सुकून मिलता है। इस बार भी आपकी सरकार बन जाए तो सारे अपराधी तत्व कोमा में चले जाएंगे। यहीं एक व्यक्ति ने बताया था कि अब यहां प्रापर्टी के दाम पांच से छह गुना बढ़ गए हैं। अब, भरोसे की उसी कड़ी को और मजबूत करने के लिए शनिवार को कैराना पहुंच रहे हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।

Edited By Taruna Tayal

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