कांग्रेस के दांव से दिलचस्प हुआ भोगांव का चुनाव

कांग्रेस के प्रत्याशी की घोषणा ने मैनपुरी की भोगांव विधानसभा सीट पर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस ने लोधी समाज से आने वाली ममता राजपूत को प्रत्याशी बनाया है। लोधी प्रत्याशी के मैदान में आने से सियासी समीकरण गड़बड़ा गए हैं। वहीं बसपा से भी क्षत्रिय समाज के प्रत्याशी को लड़ाने की चर्चाएं हैं। ऐसे में हर दल नये सिरे से जातीय गुणा-भाग में लग गया है।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 04:14 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 04:14 AM (IST)
कांग्रेस के दांव से दिलचस्प हुआ भोगांव का चुनाव

जागरण संवाददाता, मैनपुरी: कांग्रेस के प्रत्याशी की घोषणा ने मैनपुरी की भोगांव विधानसभा सीट पर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस ने लोधी समाज से आने वाली ममता राजपूत को प्रत्याशी बनाया है। लोधी प्रत्याशी के मैदान में आने से सियासी समीकरण गड़बड़ा गए हैं। वहीं, बसपा से भी क्षत्रिय समाज के प्रत्याशी को चुनाव मैदान उतार दिया गया हैं। ऐसे में हर दल नये सिरे से जातीय गुणा-भाग में लग गया है।

मैनपुरी में सपा मुखिया अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के कारण करहल सीट पर सबकी नजरें तो टिकी हुई है हीं, भोगांव सीट पर भी अहम है। इस सीट पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। बीते चुनाव में रामनरेश अग्निहोत्री ने सपा के लंबे वर्चस्व को तोड़कर जीत हासिल की थी। रामनरेश अग्निहोत्री ने सपा के तीन बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री आलोक कुमार शाक्य को 20 हजार से अधिक मतों से हराया था। उस चुनाव में बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे और उनको 26 हजार से अधिक वोट मिले थे। उस चुनाव में सपा के गठबंधन के चलते कांग्रेस मैदान में नहीं उतरी थी।

इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या लोधी समाज के मतदाताओं की है। उनके बाद यादव और फिर शाक्य मतदाता है। कुल दलित मतों की संख्या हालांकि लोधी समाज से ज्यादा है, परंतु इसमें जाटव मतों की संख्या करीब आधी है। इनके बाद क्षत्रिय और फिर ब्राह्मण-मुस्लिम मतदाताओं की मौजूदगी है। इस चुनाव में भाजपा ने फिर ब्राह्मण चेहरे के तौर पर रामनरेश अग्निहोत्री को ही मैदान में उतारा है। सपा ने भी अपने पूर्व प्रत्याशी शाक्य समाज से आने वाले आलोक कुमार शाक्य को उतारा है। वहीं बसपा से क्षत्रिय प्रत्याशी अशोक कुमार सिंह के मैदान में उतर दिया है। ऐसे में जातीय समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। हर दल इसी हिसाब से प्रचार की रणनीति बना रहा है।

Edited By Jagran

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