तालाब का दूषित पानी दे रहा संक्रामक रोगों को न्योता

गांव की बदली सरकार लेकिन तालाबों की नहीं बदल सकी सूरत ग्रामीणों ने की सफाई कराए जाने की मांग।

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 06:02 AM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 06:02 AM (IST)
तालाब का दूषित पानी दे रहा संक्रामक रोगों को न्योता

संसू, अजीतगंज: तालाबों के संरक्षण पर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायत के माध्यम से लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इनकी सूरत नहीं बदल पा रही है। कई तालाबों में भरा दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रहा है, लेकिन ग्राम प्रधान एवं जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।

विकास खंड जागीर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लेखराजपुर में गांव के मध्य तालाब है, जिसमें दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों और तालाब के आसपास रह रहे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तालाब का रकवा लगभग दो बीघा है, जो अब अतिक्रमण की चपेट में आने के बाद एक बीघा रह गया है। दबंग ग्रामीणों द्वारा तालाब के किनारों पर मकान-शौचालय आदि का निर्माण कर लिया गया है। तालाब में गंदगी डाली जाती है और घरों से निकला पानी इसी में जमा होता है। घूरा-कूड़ा डालने के कारण तालाब का पानी दूषित हो गया है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गांव की सरकार बदली है तो तालाब की तस्वीर बदल जाएगी। नई ग्राम पंचायत का गठन होने के बाद छह माह बीत गए, लेकिन कोई भी विकास कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है कि ब्लाककर्मियों को निर्देशित कर दूषित तालाब की सफाई कराई जाए। किनारों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया जाए। मांग करने वालों में रामकिशन, दयाराम, प्रमोद कुमार, उदयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि ग्रामीण शामिल थे।

ग्रामीणों की बात

तालाब में भरा दूषित जल संक्रामक रोगों को न्योता दे रहा है। जिम्मेदारों को सफाई कार्य कराना चाहिए, ताकि लोग बीमारियों की चपेट में न आएं।

-इतवारीलाल।

तालाब के किनारों पर अतिक्रमण किया गया है। जलाशय में भरे दूषित जल में भीषण दुर्गंध आती है। सफाई होनी चाहिए।

-रामप्यारे।

Edited By Jagran

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