चुनावी कार्य में जुटे अधिकारी, कामकाज सुस्त

विधानसभा चुनाव का आगाज होने के साथ ही अधिकारी चुनाव से जुड़े कार्य में व्यस्त हो गए हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में कामकाज सुस्त हो गया है। हालांकि फरियादी भी कम संख्या में ही सरकारी कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 04:29 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 04:29 AM (IST)
चुनावी कार्य में जुटे अधिकारी, कामकाज सुस्त

जासं, मैनपुरी: विधानसभा चुनाव का आगाज होने के साथ ही अधिकारी चुनाव से जुड़े कार्य में व्यस्त हो गए हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में कामकाज सुस्त हो गया है। हालांकि फरियादी भी कम संख्या में ही सरकारी कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के कामकाज और कोविड के बढ़ते संक्रमण ने अधिकांश सरकारी कार्यालयों के भौतिक कार्यों पर विराम सा लगा दिया है। इसी वजह से इन कार्यालयों में न तो जन शिकायतें आ रही हैं और न फरियादी ही आ रहे हैं। यदि कहीं शिकायतें आ भी आ रही हैं तो उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।

आचार संहिता के लागू होते ही चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। प्रक्रिया में कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। इसके चलते सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी और अधिकारी भी व्यस्त हो गए हैं, जिससे कामकाज थम सा गया है। अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालय से नदारद रहते हैं। उधर, कोविड के बढ़ते संक्रमण के कारण भी कार्यालयों के कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं।

ऐसे में अधिकांश कार्यालय खाली पड़े रहते हैं। केवल कर्मचारी ही मौजूद दिखते हैं। कुछ विभागों के कर्मचारी कोरोना वैक्सीन शिविरों को देखने के लिए लगाए गए हैं। मनरेगा के मजदूरों से जुड़े काम हों या फिर आशाओं से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन इन सबमें शिथिलता आई है।

सीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि चुनाव और कोविड के अलावा सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता की सुनवाई कर उनकी समस्याओं का निस्तारण भी किया जाए, इसमें शिथिलिता नहीं बरती जानी चाहिए।

Edited By Jagran

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