नकदी पर वैन से व्यापार की चाल सुस्त

व्यापारी बोले- 50 हजार धनराशि बढ़ाने का हो काम लिमिट से सराफा कारोबारियों को हो रही मुश्किल मांगी राहत

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 06:40 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 06:40 AM (IST)
नकदी पर वैन से व्यापार की चाल सुस्त

जासं, मैनपुरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर लगी चुनावी आचार संहिता को दो सप्ताह पूरे होने के बाद 50 हजार रुपये की धनराशि तक पाबंदी को लेकर खासकर व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में बैंकों से निकाली जाने वाली 50 हजार की धनराशि को बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए था। इस समय सहालग का दौर भी शुरू होने से मुश्किलें और ज्यादा बढ़ती जा रही हैं।

जिले में तीसरी चरण में 20 फरवरी को मतदान होना है। इससे पहले ही चुनाव आयोग ने धनराशि ले जाने की लिमिट तय कर दी है। इस लिमिट का असर सबसे ज्यादा सराफा कारोबारियों पर पड़ रहा है। महंगाई के दौर में 50 हजार रुपये की लिमिट कोई मायने नहीं रखती है। एक ओर चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों की खर्च सीमा को 30 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया है, लेकिन व्यापारियों की लिमिट को नहीं बढ़ाया।

सराफा कारोबारी शिवम गुप्ता का कहना है कि 50 हजार रुपये से कम नकदी साथ लेकर चलने पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है, हालांकि, इससे अधिक की नकदी साथ लेकर चलने के लिए तीन दस्तावेज साथ में होने जरूरी हैं। सर्वाधिक दिक्कत उन व्यापारियों को हो रही है, जो जिलों में फुटकर दुकानदारों से लेकर आते हैं और जांच के दौरान पुलिस की पकड़ में आ जाते हैं। इस वजह से कारोबार घट गया है।

बर्तन व्यापारी राम गुप्ता का कहना है कि इस समय सहालग का दौर शुरू हो गया है। इस वजह से बाजार में ग्राहकों की आमद बढ़ गई है, लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते व्यापारियों को बैंकों में 50 हजार से अधिक की धनराशि को लेकर शक की निगाह से देखा जा रहा है।

नकदी के मामले में सिर्फ राजनीतिक व्यक्तियों से संबंधित लोगों के धन की जांच होनी चाहिए। व्यापारिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले धन को चुनाव से मुक्त रखा जाए। महंगाई एवं सर्दी के कारण व्यापार पूरी तरीके से प्रभावित हो चुका है। -भगवान दयाल भन्नू, ड्राई फ्रूट कारोबारी

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सहालग का दौर चल रहा है। व्यापारी और जनता बड़ी मात्रा में रुपये लेकर बाजार आते हैं और दूसरे शहर में भी जाते हैं। ऐसे में प्रशासन के चेक करने और 50 हजार से अधिक की नकदी होने पर कई सवालों का जवाब देना पड़ता है, जिससे व्यापारियों का समय बर्बाद होता है। - रामबाबू वर्मा, जिलाध्यक्ष सर्राफा एसोसिएशन।

यह दस्तावेज जरूरी-

पहचान पत्र: कैश को लेकर जा रहे व्यक्ति का पहचान पत्र और धन के लेनदेन से उसके संबंध का प्रमाण।

कैश विड्राल का प्रूफ: बैंक निकासी की पर्ची या मैसेज, ताकि ये साबित हो सके कि कैश कहां से आ रहा है.

एंड यूज का प्रूफ: पैसा जहां भेजा जा रहा है, उसका प्रमाण, ताकि ये साबित हो सके कि ये कैश किसे दिया जाएगा।

Edited By Jagran

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