दिव्यांगता व बीमारी साबित हुई तभी मिलेगी चुनाव ड्यूटी से राहत

जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में छठवें चरण में तीन मार्च को चुनाव होगा। इसके लिए 9784 कर्मियों को लगाया गया है। इसमें कुछ बीमार और दिव्यांगों को भी ड्यूटी लग गई है। इसी के साथ मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आवेदनों की भरमार हो गई है।

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 01:12 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 01:12 AM (IST)
दिव्यांगता व बीमारी साबित हुई तभी मिलेगी चुनाव ड्यूटी से राहत

महराजगंज: चुनाव में ड्यूटी लगते ही कोई बीमार होने लगता है तो किसी को कुछ और समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। नाम कटवाने को लेकर लोगों के अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू हो जाता है। हालांकि इसमें कुछ पात्र व जरूरतमंद भी होते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो सिर्फ बहाना बनाकर ड्यूटी से अलग रहना चाहते हैं। लेकिन इस बार किसी की मनमानी नहीं चलेगी। दिव्यांगों को दिव्यांग बोर्ड और बीमार लोगों को मेडिकल टीम के परीक्षण से होकर गुजरना पड़ेगा। दिव्यांगता व बीमारी साबित हुई तभी चुनाव ड्यूटी से राहत मिलेगी।

जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में छठवें चरण में तीन मार्च को चुनाव होगा। इसके लिए 9784 कर्मियों को लगाया गया है। इसमें कुछ बीमार और दिव्यांगों को भी ड्यूटी लग गई है। इसी के साथ मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आवेदनों की भरमार हो गई है।

मुख्य विकास अधिकारी, कार्मिक गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि ऐसे मतदान कार्मिक जो दिव्यांगता के आधार पर छूट चाहते हैं, वे तीन फरवरी को आइटीएम महराजगंज में दिव्यांग बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने आवेदन पत्रों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार जो मतदान कार्मिक मेडिकल के आधार पर छूट चाहते हैं, वे सात फरवरी से 10 फरवरी तक आइटीएम में मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने आवेदन पत्रों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। इसके बाद कोई आवेदन पत्र कार्यालय में नहीं प्राप्त किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल

महराजगंज: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को शिक्षकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलकर चुनाव में पोस्टल बैलेट से शिक्षकों के मतदान कराए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन में लगे शिक्षकों के मतदान के अलावा पीठासीन बनी महिला शिक्षकों को मतदान अधिकारी द्वितीय बनाए जाने, चुनाव में पति-पत्नी दोनों की ड्यूटी में से एक की ड्यूटी काटे जाने की भी मांग शामिल है। सभी समस्याओं पर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम ने उचित समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह, जिलामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र, राघवेंद्र पांडेय, मनौवर अली, अखिलेश पाठक, धनप्रकाश त्रिपाठी, हरिश्चंद्र चौधरी, देवेंद्र मिश्र, हरीश शाही, राजेश यादव, पीके सिंह, आनंद पाल गौतम, अनूप कुमार, अलाउद्दीन खां, वीरेंद्र सिंह, सीताराम जयसवाल, धन्नू चौहान, अरविद गुप्ता, राजू सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे ।

Edited By Jagran

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