यूपीटीईटी 2021: परीक्षा केंद्र और तारीख को आया नया अपडेट, जानें- सरकार की क्या है नई रणनीति

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 को नकल मुक्त और शुचितापूर्ण कराने के लिए विशेष रणनीति के तहत तैयारी की जा रही है। इसमें खासतौर पर एडेड महाविद्यालयों तक को परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है ताकि केंद्रों की संख्या घटा करके निगरानी बढ़ाई जा सके।

Umesh TiwariPublish: Mon, 13 Dec 2021 07:14 PM (IST)Updated: Tue, 14 Dec 2021 07:53 AM (IST)
यूपीटीईटी 2021: परीक्षा केंद्र और तारीख को आया नया अपडेट, जानें- सरकार की क्या है नई रणनीति

प्रयागराज [राज्य ब्यूरो]। प्रश्नपत्र लीक होने से रद की गई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 को नकल मुक्त और शुचितापूर्ण कराने के लिए विशेष रणनीति के तहत तैयारी की जा रही है। इसमें खासतौर पर एडेड महाविद्यालयों तक को परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है, ताकि केंद्रों की संख्या घटा करके निगरानी बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही प्रयागराज, गोरखपुर, मथुरा, अलीगढ़ सहित करीब 14 जिलों को रडार पर रखा गया है, ताकि चौकसी बढ़ाकर नकल माफिया के नेटवर्क और मंसूबों को तोड़ा जा सके।

शासन की मंशा है कि यूपीटीईटी में 500 से कम क्षमता वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाए। जिला मुख्यालयों से दूर कम क्षमता वाले विद्यालयों के स्थान पर ज्यादा क्षमता वाले प्रतिष्ठित इंटर कालेजों व महाविद्यालयों को केंद्र बनाए जाने से सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट व पर्यवेक्षकों की उपलब्धता केंद्रों पर ज्यादा रहेगी। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए एसटीएफ ने संदिग्ध नंबरों की टोह लेना शुरू कर दिया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर भी उसकी नजर है।

नकल की पूर्व के मामलों को देखते हुए प्रयागराज पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। इसके अलावा गाजीपुर, लखनऊ, बुलंदशहर, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी जिलों को भी रडार पर रखा गया है। इन जिलों में नकल माफिया से जुड़े संदिग्धों पर परीक्षा के दौरान खास नजर रखी जाएगी। केंद्रों की निगरानी के लिए वेबकास्टिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। दूसरे स्तर पर तैयारी प्रश्नपत्र छापने वाली प्रिंटिंग एजेंसी की गुणवत्ता और गोपनीयता को लेकर है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से परीक्षा संपन्न कराई जा सके।

पर्चा लीक होने के कारण रद की गई यूपीटीईटी 2021 की नई तिथि का इंतजार सभी अभ्यर्थी कर रहे हैं। परीक्षा की नई तिथि निर्धारित करने के लिए विचार-विमर्श के बीच उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी के नए सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने परीक्षा कराने की तैयारी भी तेज कर दी है। शुचितापूर्ण तैयारियों में प्रश्नपत्र तैयार करने, फिर माडरेटर द्वारा परीक्षण करने, परीक्षा केंद्रों के परीक्षण, फिर से प्रवेशपत्र जारी करने आदि की प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए 20 जनवरी के पहले परीक्षा होना कठिन है।

यूपीटीईटी 28 नवंबर को दो पालियों में प्रस्तावित थी। पहली पाली की परीक्षा दस बजे से होनी थी, परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंच चुके थे, लेकिन उसी बीच पर्चा लीक होने की सूचना पर सक्रिय हुई एसटीएफ की रिपोर्ट पर परीक्षा रद करने का निर्णय लिया गया। परीक्षा को लेकर गोपनीयता न बरतने के आरोप में तत्कालीन सचिव को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच कर रही एसटीएफ उनसे पूछताछ कर रही है। इधर, पर्चा लीक होने से हुई फजीहत से बचने के लिए अब निष्पक्ष और शुचितापूर्ण परीक्षा कराना चुनौती है। इस कारण पर्चा लीक होने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में समय लग रहा है। इन सब स्थितियों को ध्यान में रखकर विमर्श में सहमति बनने पर 20 से 25 जनवरी 2022 के बीच कोई भी तिथि परीक्षा के लिए घोषित की जा सकती है।

Edited By Umesh Tiwari

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