केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा : भाजपा के सदस्यता अभियान का लक्ष्य देकर संगठन की नब्ज भी टटोलेंगे

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में तो अमित शाह पार्टी मुख्यालय आते रहे थे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद पहली बार लखवऊ भाजपा कार्यालय आ रहे हैं। 29 अक्टूबर को वह भाजपा के सदस्यता के बड़े अभियान का शुभारंभ करते हुए लक्ष्य तय करेंगे।

Umesh TiwariPublish: Tue, 26 Oct 2021 06:00 AM (IST)Updated: Tue, 26 Oct 2021 07:12 AM (IST)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा : भाजपा के सदस्यता अभियान का लक्ष्य देकर संगठन की नब्ज भी टटोलेंगे

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और फिर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड के जीत सूत्रधार रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब वर्ष 2022 के लिए चुनावी तैयारियां परखने आ रहे हैं। 29 अक्टूबर को वह भाजपा के सदस्यता के बड़े अभियान का शुभारंभ करते हुए लक्ष्य तय करेंगे। साथ ही एक दिन का प्रवास कर पार्टी मुख्यालय में संगठन की नब्ज भी टटोलेंगे। गौर करने वाली बात है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में तो अमित शाह पार्टी मुख्यालय आते रहे थे, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद पहली बार कार्यालय आ रहे हैं।

अब तक बूथ स्तर तक अपने संगठन को दुरुस्त करने में जुटी भाजपा नए सदस्य जोड़ने का अभियान शुरू करने जा रही है। कई दिन से इसकी रूपरेखा बन रही है। सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को नए मतदाता जोड़ने में लगाया गया है। साथ ही अब संगठन को नए सदस्य जोड़ने का बड़ा काम दिया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ करने के लिए 29 अक्टूबर को अमित शाह आ रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित कार्यक्रम से अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसमें लखनऊ और आसपास के कई जिलों के कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है। इसी कार्यक्रम में गृह मंत्री सदस्यता के लक्ष्य की घोषणा करेंगे। इसके बाद वह पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे।

अभी तक प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे। विधानसभा प्रभारी भी बुलाए जाएंगे। अमित शाह उनसे जिला और विधानसभावार संगठन की तैयारियां परखेंगे। चुनाव का फीडबैक लेकर जीत का गुरुमंत्र देंगे। वह सरकार के कामकाज पर चर्चा करने और क्षेत्रों की रिपोर्ट लेने के लिए कुछ वरिष्ठ मंत्रियों और कोर कमेटी के साथ भी बैठक कर सकते हैं। वहीं, रात्रि विश्राम लखनऊ में ही करेंगे।

Edited By Umesh Tiwari

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