विधान सभा में दो उच्च शिक्षा और एक औद्योगिक विकास से जुड़ा विधेयक पेश, तीनों से संबंधित अध्यादेश पिछले सत्र के बाद लागू कर चुकी है सरकार

UP Budget Session 2022 व‍िधानसभा में बजट सत्र के दौरान योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार की ओर से दो उच्च शिक्षा और एक औद्योगिक विकास से जुड़ा विधेयक पेश क‍िए गए। सरकार तीनों से संबंधित अध्यादेश पिछले सत्र के बाद लागू कर चुकी है।

Prabhapunj MishraPublish: Sun, 29 May 2022 08:23 AM (IST)Updated: Sun, 29 May 2022 08:23 AM (IST)
विधान सभा में दो उच्च शिक्षा और एक औद्योगिक विकास से जुड़ा विधेयक पेश, तीनों से संबंधित अध्यादेश पिछले सत्र के बाद लागू कर चुकी है सरकार

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। विधान सभा में शनिवार को सरकार ने तीन अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक पेश किए। इनमें उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक, 2022, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022 शामिल हैं। इन तीनों विधेयकों से संबंधित अध्यादेश पिछले विधानमंडल सत्र के बाद लागू हुए थे।

उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक, 2022 में यह प्राविधान किया गया है कि यदि किसी औद्योगिक इकाई और/या किसी सूचना प्रौद्योगिकी सूचना प्रौद्योगिकी समर्थकृत सेवा इकाइयों (आइटी/आइटीईएस) की स्थापना के लिए कोई भूमि 28 जुलाई 2020 से पहले पट्टे पर आवंटित की गई हो और उस जमीन का उपयोग प्राधिकरण के निर्धारित मानदंडों के अनुसार 28 जुलाई 2020 तक न किया गया हो तो जमीन का आवंटन और पट्टा विलेख स्वत: रद हुए माने जाएंगे और जमीन प्राधिकरण में निहित हो जाएगी।

शर्त यह होगी कि पट्टा विलेख की तारीख से आठ वर्ष की अवधि या आवंटन की शर्तों के अनुसार ऐसे उपयोग के लिए तय अवधि, जो भी अधिक हो, 28 जुलाई तक बीत चुकी हो और प्राधिकरण की ओर से आवंटी को 31 दिसंबर 2022 से कम से कम तीन माह पहले नोटिस दिए जाने के बाद भी आवंटी 31 दिसंबर 2022 तक जमीन का उस प्रयोजन के लिए उपयोग करने में विफल रहा हो, जिसके लिए वह उसे दी गई थी।

उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 के जरिये आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय का नाम बदल कर महाराजा सुहेल देव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने ग्रेटर नोएडा स्थित शिव नाडर विश्वविद्यालय को डीम्ड विश्वविद्यालय श्रेष्ठ संस्थान का दर्जा दे दिया गया है। इसलिए उसे उप्र निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की अनुसूची से निकालने के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022 लाया गया है।

Edited By Prabhapunj Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept