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सीतापुर के सपा नेता व पूर्व मंत्री मुख्तार अनीस का निधन, कहे जाते थे गांजर के गांधी

सीतापुर मृतक के बेटे जहीर अब्बास ने बताया कि काफी समय से बीमार चल रहे थे। न्यूरो की समस्या पहले से ही थी। इसका इलाज भी चल रहा था। आज उनका अंतिम संस्कार सीतापुर में ही किया जाएगा।

By Divyansh RastogiEdited By: Published: Wed, 31 Mar 2021 08:58 AM (IST)Updated: Wed, 31 Mar 2021 08:58 AM (IST)
सीतापुर के सपा नेता व पूर्व मंत्री मुख्तार अनीस का निधन, कहे जाते थे गांजर के गांधी
सीतापुर: आज मुख्तार अनीस का अंतिम संस्कार सीतापुर में ही किया जाएगा।

सीतापुर, जेएनएन। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री मुख्तार अनीस का मंगलवार की रात निधन हो गया। उनके पुत्र जहीर अब्बास ने बताया कि रात करीब एक बजे पिता की तबीयत बिगड़ी। इसके बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआइ में भर्ती कराया गया। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बकौल जहीर उनके पिता मुख्तार अनीस काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें न्यूरो की समस्या पहले से ही थी। इसका इलाज भी चल रहा था। जहीर के मुताबिक, मुख्तार अनीस का अंतिम संस्कार बुधवार को सीतापुर में किया जाएगा।

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तंबौर के निवासी थे मुख्तार अनीस: 8 जून 1943 को किसान परिवार में जन्म लेने वाले मुख्तार अनीस मूलतः सीतापुर जनपद के तंबौर कस्बे के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी अजीज मिर्जा के अलावा दो पुत्र भी हैं।

गांजर के गांधी कहे जाते थे मुख्तार : बताया जाता है कि मुख्तार अनीस ने डॉ. मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1969 में समाजवादी युवजन सभा की सदस्यता ली थी। वर्ष 1977 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद तीन बार मंत्री भी रहे। 1996 में वह सांसद बने। उन्होंने चहलारी घाट पर पुल निर्माण के लिए पद यात्रा निकाली थी। लोग उन्हें गांजर का गांधी भी कहते थे। पिछले कुछ वर्षों से वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे।


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