Move to Jagran APP

रेलवे पुलों पर अब आरडीएसओ के मानकों के स्टील गर्डर लगेंगे, रूकेंगे हादसे

लखनऊ रेल लाइन के ऊपर पुलों से जोखिम कम करने के लिए रेलवे बोर्ड अब आरडीएसओ के मानकों के गर्डर लगाएगा। देश भर में बनने वाले ओवरब्रिज में आरडीएसओ की मुहर वाली कंपनियों के ही स्टील गर्डर लगाने के आदेश रेलवे बोर्ड ने जारी किए हैं।

By Anurag GuptaEdited By: Published: Sun, 01 Nov 2020 06:02 AM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2020 06:02 AM (IST)
लखनऊ में रेलवे पुलों पर अब आरडीएसओ के मानकों के स्टील गर्डर लगेंगे, हादसे रोकने में मिलेगी सफलता।

लखनऊ [निशांत यादव]। रेल लाइन के ऊपर से गुजरने वाले ओवरब्रिज अब पहले से अधिक मजबूत होंगे। अब अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के अप्रूवल वाले स्टील गर्डर का उपयोग ही ओवरब्रिज के स्पैन के लिए किया जाएगा। ऐसा ओवरब्रिज पर यातायात का लोड बढऩे से नीचे गुजर रही ट्रेनों के ऊपर से जोखिम कम करने के लिए किया जाएगा।देश भर में बनने वाले ओवरब्रिज में आरडीएसओ की मुहर वाली कंपनियों के ही स्टील गर्डर लगाने के आदेश रेलवे बोर्ड ने जारी किए हैं।

loksabha election banner

दरअसल रेल लाइन के ऊपर से गुजर रहे पुलों के हिस्सों के टूटकर गिरने की कुछ घटनाएं पिछले दो से तीन साल में हुई हैं। पुलों के स्टील गर्डर की गुणवत्ता पर सवाल सात साल पहले कासगंज-बरेली ब्राडगेज रेलखंड पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने पर उठा था। यहां रेलवे की संस्था आरकोनम के 10 में से पांच गर्डर की गुणवत्ता आरडीएसओ की जांच में गड़बड़ मिली थी। हालांकि तब इसे बदलने के बाद भी निर्माण के दौरान हादसा हो गया था। वहीं मुजफ्फरनगर में भोपा रोड पर छह जुलाई 2018 को पुल का मलबा ओएचई पर जा गिरा था। ऐसे ही कई हादसों के बीच आरडीएसओ ने तय मानक के ही स्टील गर्डर इस्तेमाल करने की संस्तुति की थी।

ऐसे मजबूत होंगे रोड ओवरब्रिज

नई रेल लाइन और अमान परिवर्तन के दौरान जो नए रोड ओवरब्रिज बनेंगे। पुल की जनरल एडजेस्टमेंट डिजाइन (जीएडी) तैयार करते समय ही आरडीएसओ से मंजूर डिजाइन वाले स्पैन बनाने की व्यवस्था की जाएगी। विशेष परिस्थिति में पुल बनाने वाले स्थल पर यदि नॉन स्टैंडर्ड स्पैन का निर्माण किया जाएगा तो जोनल रेलवे इसको दस्तावेजों में रिकॉर्ड करेगा। साथ ही वह नॉन स्टैंडर्ड स्पैन की मजबूती के लिए किए गए उपाय और भविष्य में इसको इस्तेमाल करने वाली जनसंख्या को कम करने के प्लान के बारे में भी बताना होगा। हालांकि इसके लिए आरडीएसओ की गाइड लाइन का भी पालन कराना हेागा। पुल बनाते समय आरडीएसओ के स्टैंडर्ड का पालन हो रहा है या नहीं। इसकी नियमित जांच संबंधित चीफ इंजीनियर निर्माण करेंगे। जीएडी की मंजूरी के बाद यदि नॉन स्टैंडर्ड गर्डर लगाने की आवश्यकता हुई तो केवल जोनल रेलवे ही आरडीएसओ से संपर्क करेगा।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.