लखीमपुर खीरी हिंसा के लेकर सवालों पर भड़के केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी, मीडिया को कहा चोर

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी लखीमपुर हिंसा को लेकर पूछे गए पत्रकारों के सवालों पर नाराज हो गए। आरोप है कि जब कुछ पत्रकारों ने केस के मुख्य आरोपी उनके बेटे आशीष मिश्र के खिलाफ आरोपों से संबंधित सवाल पूछे तो वह अपशब्द बोले और मोबाइल छीन लिया।

Umesh TiwariPublish: Wed, 15 Dec 2021 03:49 PM (IST)Updated: Thu, 16 Dec 2021 03:08 PM (IST)
लखीमपुर खीरी हिंसा के लेकर सवालों पर भड़के केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी, मीडिया को कहा चोर

लखनऊ, जेएनएन। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र 'टेनी' बुधवार को लखीमपुर हिंसा केस से जुड़े एक सवाल पर आपा खो बैठे। लखीमपुर स्थित एक अस्पताल में आक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने गए केंद्रीय मंत्री ने एक इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार के सवाल पर पूरी मीडिया को चोर तक कह दिया। टेनी यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने पत्रकार का कालर तक पकड़ने की कोशिश की। किसी तरह से लोगों ने उनको शांत तो करा दिया, लेकिन तब तक इंटरनेट मीडिया पर उनकी अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल हो चुका था। उनके बयान से भड़के पत्रकारों ने लखीमपुर खीरी के डीएम को एक ज्ञापन देकर केंद्रीय मंत्री पर कार्रवाई की मांग की।

बुधवार की दोपहर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र 'टेनी' लखीमपुर-सीतापुर रोड पर ओयल के पास एक सरकारी अस्पताल में आक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने गए थे। यहां से जब वह बाहर निकल रहे थे तभी एक पत्रकार ने पूछा कि आपके बेटे पर लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कई धाराएं बढ़ा दी गई हैं, इस पर क्या कहना है। इतनी बात पर टेनी भड़क गए।

उन्होंने माइक का तार खींच लिया और कहा कि बेवकूफ हो क्या...तमीज नहीं है। पत्रकारों के मुताबिक उन्होंने एक कैमरामैन का मोबाइल भी ले लिया। उस दौरान इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया था। पत्रकारों पर भड़कते हुए उन्होंने कहा, यही जो मीडिया वाले हैं ना...एक निर्दोष आदमी को फंसाया है। शर्म नहीं आती है, कितने गंदे लोग हैं...चोर हैं। उन्होंने आगे कहा, आक्सीजन प्लांट है, हास्पिटल है...यह सब नहीं दिखाई देता है।

दरअसल, लखीमपुर खीरी हिंसा केस में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत सभी 13 आरोपितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले के विवेचक इंस्पेक्टर विद्याराम दिवाकर की सीजेएम कोर्ट में धाराएं बढ़ाने की अर्जी पर लखीमपुर की अदालत ने मुहर लगा दी। सीजेएम चिंताराम ने मंगलवार को विवेचक की अर्जी को मंजूरी देते हुए दुर्घटना में मौत की धाराओं को हटाते करते हुए जानलेवा हमला, गंभीर चोट कारित करना व शस्त्र अधिनियम की धाराएं बढ़ाने की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद इनसे जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपितों पर हत्या की धारा 302 पहले से ही लगी है।

ये हैं खीरी हिंसा के आरोपित : आशीष कुमार मिश्र, लवकुश राणा, आशीष पांडे, शेखर भारती, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, शिशुपाल, नंदन सिंह विष्ट, सत्यम उर्फ सत्य प्रकाश त्रिपाठी, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राणा, उल्लास उर्फ मोहित त्रिवेदी।

पत्रकारों में उबाल डीएम को दिया ज्ञापनः केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के बयान के बाद खीरी जिले की मीडिया भड़क गई। बयान आने के बाद पत्रकार कलेक्ट्रेट में जमा हुए और डीएम को एक ज्ञापन देकर केंद्रीय मंत्री पर कार्रवाई करने की मांग की है।

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मीडिया को सवाल पूछने पे धमकाते देश के गृह राज्यमंत्री जी , लखीमपुर मामले में बढ़ी धाराओं ने , इनका दिमागी संतुलन बिगाड़ दिया है !! मोदीजी सत्ता लोकलाज से चलती है थोड़ी भी सरकार में शर्म बाकी हो तो तुरंत बर्खास्त करे !!

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- Fakhrul Hasan Chaand (@chaandsamajwadi) 15 Dec 2021

पिता ने की आशीष से मुलाकात : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने मंगलवार दोपहर जेल में बेटे आशीष मिश्र से मुलाकात की। उन्होंने करीब 15 मिनट तक बेटे से वार्ता कर उसका हालचाल जाना। जेल सूत्रों ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि ये उनकी तीसरी मुलाकात थी और हर बार वह इसी तरह से बेटे की कुशलक्षेम पूछने आते हैं।

यह है पूरा मामला : तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी से 70 किमी दूर तिकुनिया इलाके में दोपहर तीन बजे हिंसा हुई। इसमें कुल आठ लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र की कार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को कुचल दिया। इसके बाद वहां पर हुई हिंसा में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं समेत चार लोग और मारे गए थे।

Edited By Umesh Tiwari

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