लखनऊ छावनी परिषद ने नहीं किया टेंडर, अस्पताल में दवाओं का टोटा होने से मरीज परेशान

छावनी परिषद के जनरल अस्पताल में इन दिनों महिला रोगियों को कैल्शियम की दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। छावनी परिषद प्रशासन ने इस साल दवाओं की खरीद की प्रक्रिया ही पूरी नहीं की। इसके चलते दवाओं की खरीद छावनी परिषद प्रशासन नहीं कर सका है।

Dharmendra MishraPublish: Sat, 29 Jan 2022 12:33 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 03:29 PM (IST)
लखनऊ छावनी परिषद ने नहीं किया टेंडर, अस्पताल में दवाओं का टोटा होने से मरीज परेशान

लखनऊ, जागरण संवाददाता।  छावनी परिषद के जनरल अस्पताल में इन दिनों महिला रोगियों को कैल्शियम की दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। छावनी परिषद प्रशासन ने इस साल दवाओं की खरीद की प्रक्रिया ही पूरी नहीं की। इसके चलते दवाओं की खरीद छावनी परिषद प्रशासन नहीं कर सका है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करने पड़ रहा है। मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 

छावनी परिषद जनरल अस्पताल और तोपखाना बाजार स्थित नीता मेमोरियल पालीक्लीनिक में आने वाले रोगियों के लिए हर साल दवाओं की खरीद टेंडर के माध्यम से होती है। लखनऊ छावनी परिषद प्रशासन ने इस साल दवाओं की खरीद का प्रस्ताव तो वैरी बोर्ड में पारित कर दिया। लेकिन टेंडर जारी करने के प्रस्ताव के अनुमोदन से पहले ही आचार संहिता लग गयी। ऐसे में दवाओं की खरीद के लिए टेंडर की प्रक्रिया ही लटक गयी है। छावनी परिषद प्रशासन की ओर से टेंडर पर लगी रोक के चलते प्रतिदिन 300 से 400 रोगियों वाली ओपीडी के लिए दवाओं की किल्लत भी पड़ने लगी है। छावनी परिषद अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, जनरल फिजिशियन,आंख कान नाक, त्वचा रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ और नेत्ररोग विशेषज्ञ डाक्टरों की ओपीडी प्रतिदिन होती है। साथ ही आयुर्वेद का उपचार और फिजियोथेरेपिस्ट की सुविधा भी छावनी परिषद के सदर बाजार स्थित जनरल अस्पताल में उपलब्ध है। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन को टेंडर न होने के कारण छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी के कोष से फुटकर में दवाओं की खरीद करना पड़ रहा है।

Edited By Dharmendra Mishra

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