लखीमपुर खीरी के तिकुनियां कांड में मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत पर 11 को सुनवाई

Lakhimpur Kheri Tikuniya Case आशीष मिश्रा मोनू की जमानत पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 जनवरी को सुनवाई होगी। आशीष के वकील ने कोर्ट से समय मांगा है। उन्होंने सरकार के काउंटर ऐफिडेविट का जवाब दाखिल करने का समय मांगा है।

Dharmendra PandeyPublish: Thu, 06 Jan 2022 03:03 PM (IST)Updated: Fri, 07 Jan 2022 07:00 AM (IST)
लखीमपुर खीरी के तिकुनियां कांड में मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत पर 11 को सुनवाई

लखनऊ, जेएनएन। लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर के तिकुनियां कांड में चार किसान सहित आठ लोगों की मौत के मामले में मुख्य आरोपित मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में जमानत अर्जी दाखिल की है। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र की अर्जी पर सुनवाई के बाद लखनऊ बेंच ने आदेश सुरक्षित रखा है। 11 जनवरी को कोर्ट जमानत पर निर्णय देगा।

लखीमपुर खीरी के तिकुनियां कांड के मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा मोनू की जमानत पर 11 जनवरी को सुनवाई होगी। आशीष के वकील ने कोर्ट से समय मांगा है। उन्होंने सरकार के काउंटर ऐफिडेविट का जवाब दाखिल करने का समय मांगा है। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए 11 जनवरी तारीख तय की है। कोर्ट ने लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत मामले में 11 जनवरी तक आदेश सुरक्षित रखा है। जस्टिस राजीव सिंह ने की मामले की सुनवाई की है। मंत्री टेनी पुत्र आशीष मिश्रा के वकील ने सरकार के काउंटर ऐफिडेविट का जवाब दाखिल करने का समय मांगा था। जिस पर कोर्ट ने 11 जनवरी अगली तारीख दी है। इस केस में प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद शाही ने पक्ष रखा। 

आशीष मिश्र की ओर से प्रत्युत्तर के लिए मांगा गया समय

खीरी जनपद के तिकुनिया कांड मामले में हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एसआइटी की ओर से गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत याचिका का विरोध करते हुए, जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया गया है। जिसके बाद आशीष मिश्र की ओर से उक्त जवाबी हलफनामे का प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिए जाने की मांग की गई जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी। यह आदेश जस्टिस राजीव सिंह की एकल पीठ ने आशीष मिश्र उर्फ टेनी की जमानत याचिका पर पारित किया। सुनवाई के दौरान जहां आशीष मिश्र की ओर से प्रत्युत्तर देने के लिए समय दिए जाने की मांग की गई, वहीं सरकारी वकील ने भी पूरक जवाबी हलफनामा दाखिल करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने इसे भी स्वीकार कर लिया है।

Edited By Dharmendra Pandey

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept