लखीमपुर खीरी हिंसा में भाजपा सभासद समेत चार आरोपित न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल

Lakhimpur Kheri Case News Update प्रदेश की राजनीति को गरमाने वाले इस केस में मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा मोनू के साथ दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से गठित एसआइटी के साथ लखीमपुर खीरी पुलिस की क्राइम ब्रांच केस की पड़ताल कर रही है।

Dharmendra PandeyPublish: Tue, 19 Oct 2021 01:26 PM (IST)Updated: Tue, 19 Oct 2021 07:23 PM (IST)
लखीमपुर खीरी हिंसा में भाजपा सभासद समेत चार आरोपित न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल

लखनऊ, जेएनएन। लखीमपुर खीरी हिंसा कांड से जुड़े लखीमपुर शहर के सभासद सुमित जायसवाल, जिला कौशांबी निवासी सत्यम त्रिपाठी, लखनऊ निवासी नंदन सिंह व बनवीरपुर निवासी शिशुपाल को एसआइटी की टीम ने गिरफ्तार कर रिमांड मजिस्ट्रेट के समझ पेश किया। रिमांड मजिस्ट्रेट जेएम दीक्षा भारती ने चारों आरोपितों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

एसआइटी ने सोमवार को लखीमपुर निवासी सभासद सुमित जायसवाल, आरोपित कारोबारी अंकित दास के गनर जिला कौशांबी निवासी सत्यम त्रिपाठी, अंकित दास के दोस्त लखनऊ निवासी नंदन सिंह व बनबीरपुर निवासी शिशुपाल को गिरफ्तार कर लिया था। एसआइटी ने आरोपित सत्यम त्रिपाठी के कब्जे से एक लाइसेंसी रिवाल्वर व तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। लखीमपुर हिंसा कांड के समय सभासद सुमित जायसवाल का थार गाड़ी से उतरकर भागते हुए वीडियो वायरल हुआ था। तभी से एसआइटी को सुमित की तलाश थी। चारों आरोपितों को विवेचक ने मंगलवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। रिमांड मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

लखीमपुर के तिकुनिया में तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान वाहन से रौंदकर चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हुई थी। हत्या, दुर्घटना में मौत, बलवा आदि के आरोप में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र समेत 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना तिकुनिया में मुकदमा दर्ज किया गया था। आठ अक्टूबर को घटना से जुड़े दो आरोपित लवकुश राणा व आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

नौ अक्टूबर शनिवार को केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को क्राइम ब्रांच के दफ्तर में 12 घंटे की पूछताछ के देर रात एसआइटी की टीम ने गिरफ्तार कर देर रात रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। रिमांड मजिस्ट्रेट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। 12 अक्टूबर को अंकित दास के ड्राइवर शेखर भारती को सुबह सवा सात बजे पलिया बस स्टैंड से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। 13 अक्टूबर को अंकित दास व उसके गनर लतीफ उर्फ काले क्राइम ब्रांच पहुंचे थे जहां एसआइटी ने पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था। अब तक लखीमपुर हिंसा कांड से जुड़े दस आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस कस्टडी रिमांड अर्जी पर सुनवाई 21 अक्टूबर को : लखीमपुर हिंसा कांड से जुड़े आरोपित सभासद सुनीत जायसवाल, लखनऊ निवासी नंदन सिंह, कौशांबी निवासी सत्यम त्रिपाठी, व बनवीरपुर निवासी शिशुपाल को गिरफ्तार कर मामले के विवेचक ने मंगलवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एसपीओ एसपी यादव ने चारों आरोपित से पूछताछ व घटना के संबंध में साक्ष्य संकलन करने के लिए कोर्ट से 14 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल की। आरोपितों के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने पुलिस कस्टडी रिमांड अर्जी की प्रति की। पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर नियत की है । रिमांड के समय आरोपितों के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने रिमांड निरस्त किए जाने की अर्जी दाखिल की है। अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि एसआइटी की जांच में अभी तक चारों आरोपितों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई अपराध कारित करना नहीं पाया गया है। जिसके चलते रिमांड निरस्त करने की याचना की है।

अंकित से असलहे व कारतूस बरामद : लखीमपुर खीरी कांड में आरोपित बनाए गए लखनऊ के कांंट्रेक्टर अंकित दास, उसका गनर और ड्राइवर के सामने एसआइटी को अब इनकी भूमिका की पड़ताल करने में परेशानी हो रही है। प्रश्न उठ रहा है कि यह तीनों मौका ए वारदात से जान बचाकर भागे थे या फिर भागने का कोई और कारण था। अंकित दास और उसके साथ के दो लोगों से एसआइटी ने एक रिपीटर गन, दो रिवाल्वर के अलावा 315 बोर के तीन मिस कारतूस भी बरामद किया है।  

Edited By Dharmendra Pandey

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