लखनऊ में सिरफिरे पति ने पुलिस को किया फोन, बोला- पत्नी की हत्या कर दी, मैं भी मरने जा रहा

लखनऊ में मंगलवार सुबह सुशील ने लोहे की राड से प्रहार कर पत्नी राधिका उर्फ मीरा की हत्या कर दी। इसके बाद अपने गले में रस्सी का फंदा डालकर पुलिस को फोन कर कहा कि मैंने पत्नी को मार डाला है अब मैं भी फांसी लगाने जा रहा हूं।

Vikas MishraPublish: Tue, 18 Jan 2022 01:41 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 03:29 PM (IST)
लखनऊ में सिरफिरे पति ने पुलिस को किया फोन, बोला- पत्नी की हत्या कर दी, मैं भी मरने जा रहा

लखनऊ, जागरण संवाददाता। आलमबाग की बड़ा बरहा कालोनी में मंगलवार सुबह सुशील कुमार ने लोहे की राड से प्रहार कर 32 वर्षीय पत्नी राधिका उर्फ मीरा की हत्या कर दी। इसके बाद अपने गले में रस्सी का फंदा डालकर पुलिस को फोन कर कहा कि मैंने पत्नी को मार डाला है अब मैं भी फांसी लगाने जा रहा हूं। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची तो फंदे पर लटक जा रहे सुशील को बचा लिया। हालत बिगड़ती देख सुशील को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया है।

बड़ा बरहा में रहने वाले सुशील का विवाह 2009 में खदरा में रहने वाली राधिका उर्फ मीरा के साथ हुआ था। इंस्पेक्टर आलमबाग अनिल कुमार सिंह के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब आठ बजे सुशील ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया कि उसने पत्नी की हत्या कर दी है और अब वह भी फांसी लगाकर जान देने जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस आनन फानन मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि सुशील गले में फंदा डाले हुए लटक रहा है। पुलिस ने सुशील को पकड़ा और फंदे से उसे नीचे उतारा। हालत बिगड़ती देख सुशील को लोकबंधु भेजा। सुशील का लोकबंधु में इलाज चल रहा है। कमरे में खून से लथपथ हालत में राधिका का शव पड़ा था। उसके सिर पर गंभीर चोट थी। पास ही एक लोहे का राड पड़ा था। लोहे के राड से राधिका के सिर पर प्रहार किया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि राधिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उसके मायकेपक्ष के लोगों को सूचना दे दी गई है। राधिका को कोई संतान नहीं थी। दोनों में अकसर झगड़ा होता रहता था। 

न्यायालय से छह साल पहले हुआ था समझौताः इंस्पेक्टर ने बताया कि सुशील और राधिका में अकसर किसी न किसी बात को लेकर विवाद और झागड़ा होता रहता था। उनके बीच कई साल तक मुकदमा भी चलता रहा। छह साल पहले ही न्यायालय से समझौता हुआ था। उसके बाद से दोनों साथ में रह रहे थे। इसके बाद भी दोनों में झागड़ा होता रहता था।

Edited By Vikas Mishra

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