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लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली पहुंचे डीजीपी, कहा-नौ बजे ही दुकान बंद करने का न बनाएं दबाव

डीजीपी ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क महिलाओं के लिए होना चाहिए। कोतवाली में रिकार्ड नहीं मिल रहे हैं। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल गुमशुदगी के रिकार्ड ज्यादा मिल रहे हैं। डीजीपी ने महिला पुलिसकर्मियों को पीड़ितों को फोन कर उनका फीड बैक लेने के निर्देश दिए।

By Anurag GuptaEdited By: Published: Sat, 04 Sep 2021 11:15 PM (IST)Updated: Sun, 05 Sep 2021 10:59 AM (IST)
लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली पहुंचे डीजीपी, कहा-नौ बजे ही दुकान बंद करने का न बनाएं दबाव
डीजीपी बोले, महिला हेल्प डेस्क महिलाओं के लिए हो, फोन कर पीड़ितों से लें फीडबैक।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। डीजीपी मुकुल गोयल ने शन‍िवार को हजरतगंज कोतवाली, कार्यालय, महिला थाना, महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल का निरीक्षण किया। इन सभी जगहों पर उन्हें खामियां ही मिलीं। डीजीपी ने कहा कि चार यूनिट का निरीक्षण किया गया, जहां कमियां पाई गई हैं। डीजीपी ने नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर हजरतगंज को वहां से हटाने और जांच कराने के लिए पुलिस आयुक्त को कहा। अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के सवाल पर बोले, इस बारे में दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि नाइट कर्फ्यू का पालन कड़ाई से हो। शासन ने रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू के आदेश दिए हैं। 10 बजे तक दुकानें बंद करा दी जाएं। हालांकि एक सवाल के जवाब में उन्होंने ये भी कहा कि किसी व्यापारी पर रात में आठ बजे या नौ बजे तक ही दुकान बंद करने का दबाव न बनाया जाए। पुलिस 10 बजे से पहले दुकानें बंद कराने के लिए गस्त करे।

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डीजीपी ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क महिलाओं के लिए होना चाहिए। कोतवाली में रिकार्ड नहीं मिल रहे हैं। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल गुमशुदगी के रिकार्ड ज्यादा मिल रहे हैं। डीजीपी ने महिला पुलिसकर्मियों को पीड़ितों को फोन कर उनका फीड बैक लेने के निर्देश दिए। महिला दारोगा निशा सिंह और कांस्टेबल को बुलाकर उनके बीट से जुड़ी जानकारी ली। यहां भी दोनों पुलिसकर्मी ठीक से जवाब नहीं दे पाईं। इसपर पुलिस आयुक्त ने दोनों को क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों से मिलने व उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए कहा। इससे पहले डीजीपी साइबर सेल में निरीक्षण करने पहुंचे थे। सीढिय़ों पर उन्हें एक फरियादी मिल गया, जिसे वह अपने साथ लेकर कार्यालय में घुस गए। फरियादी के खाते से रुपये निकल गए थे।

डीजीपी ने आफिस में घुसते ही कहा, इन्हें किसने भगाया। कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। सिपाही आशीष आगे आया और उसने बताया कि फरियादी को भगाया नहीं था बल्कि इन्हें बैंक स्टेटमेंट लेकर आने के लिए कहा था। पूरी बात जानने के बाद डीजीपी ने वहां के रजिस्टर चेक किए और फिर वापस लौट आए। डीजीपी ने कहा कि साइबर क्राइम पर अच्छा काम हो रहा है। आने वाले दिनों में प्रत्येक थाने में साइबर की जानकारी रखने वाले पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिससे फरियादियों को त्वरित सहायता मिल सके। कोतवाली के बाहर कार बाजार से लगने वाले जाम के सवाल पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि इसे यहां से हटाने के लिए कमिश्नर लखनऊ संग बैठक हुई थी। कार बाजार के लिए अलग जगह मुहैया कराने की तैयारी चल रही है। 


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