सीएम योगी बोले, कोरोना काल में यूपीटीईटी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धि, अखिलेश-प्रियंका ने उठाए सवाल

UPTET 2021 Exam उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अभ्यर्थियों केंद्र व्यवस्थापकों कक्ष निरीक्षकों पर्यवेक्षकों सहित सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है। वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर सवाल खड़े किए।

Umesh TiwariPublish: Sun, 23 Jan 2022 10:52 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 10:53 PM (IST)
सीएम योगी बोले, कोरोना काल में यूपीटीईटी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धि, अखिलेश-प्रियंका ने उठाए सवाल

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी 2021) के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अभ्यर्थियों, केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों सहित सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना कालखंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में परीक्षा का सफल आयोजन एक उपलब्धि है।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को दो पालियों में सभी जिलों में कराई गई। प्राथमिक स्तर के लिए 2,532 तो उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 1,733 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दोनों पालियों में कुल 18,22,112 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। व्यवस्था में लगभग 1,62,511 कक्ष निरीक्षक, 8,530 पर्यवेक्षक, 1,423 सचल दल और सहयोग के लिए 5,814 तृतीय श्रेणी व लगभग 14,059 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी लगाए गए।

सीएम योगी आदित्यनाथ जहां परीक्षा के आयोजन को सफल बता रहे हैं, वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर सवाल खड़े किए। अखिलेश ने ट्वीट किया- 'यूपी टीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय में सपा साथ खड़ी है। युवाओं का अनादर भाजपा को बहुत महंगा पड़ेगा। संवेदनहीन भाजपा को यही अभ्यर्थी हर बूथ पर वोटों के लिए तरसा देंगे।'

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया- 'भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के चलते एक बार टीईटी का पेपर लीक हुआ और आज दोबारा परीक्षार्थियों को पेपर देने आना पड़ा। आज कई जगह परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से वंचित किया गया, जो कि सरासर अन्याय है। सरकार तुरंत संज्ञान लेते हुए सभी परीक्षार्थी परीक्षा दे सकें, सुनिश्चित कराए। कांग्रेस ने अपने भर्ती विधान में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए 'जाब कैलेंडर' व उसका कड़ाई से पालन और पास में परीक्षा केंद्र देने जैसे कई प्रविधान किए हैं। हम चाहते हैं कि भर्ती प्रणाली में युवाओं के हित को प्राथमिकता मिले।'

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Edited By Umesh Tiwari

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