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पंचायत आरक्षण का पुराना रोटेशन शून्य होने के बाद अंतिम सूची की तैयारी

ग्राम पंचायतों में आरक्षण के पुराने रोटेशन को शून्य कर सरकार ने नए रोटेशन में आरक्षण तय करने का फैसला किया है। समय सारिणी जारी कर 22 सितंबर से आरक्षण निर्धारण कार्य शुरू करके आठ अक्टूबर को अंतिम सूची जारी की जाएगी।

Nawal MishraThu, 17 Sep 2015 04:17 PM (IST)
पंचायत आरक्षण का पुराना रोटेशन शून्य होने के बाद अंतिम सूची की तैयारी

लखनऊ। ग्राम पंचायतों में आरक्षण के पुराने रोटेशन को शून्य कर सरकार ने नए रोटेशन में आरक्षण तय करने का फैसला किया है। समय सारिणी जारी कर 22 सितंबर से आरक्षण निर्धारण कार्य शुरू करके आठ अक्टूबर को अंतिम सूची जारी की जाएगी।

आज कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए ग्राम पंचायत प्रधान और सदस्य पद की आरक्षण प्रक्रिया बदल दी गयी। उत्तर प्रदेश पंचायतीराज पदों एवं स्थान आवंटन नियमावली-1994 में दसवां संशोधन करने से ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्यों के पुराने रोटेशन (चक्रानुक्रम) आरक्षण को शून्य कर नए सिरे से आरक्षण किया जाएगा। निदेशक पंचायतीराज उदयवीर सिंह ने बताया कि ग्राम पुनर्गठन के बाद 7,315 नयी ग्राम पंचायतें गठित हुईं। इसी कारण आरक्षण प्रक्रिया बदलाव का फैसला किया गया। रोटेशन नए सिरे से लागू होने से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, पिछड़ा व सामान्य वर्ग के लोगों को जनसंख्या के घटते क्रम में ग्राम प्रधान पदों व वार्डों में आरक्षण दिया जाएगा। पंचायतों में महिलाओं का एक तिहाई आरक्षण पहले की तरह ही होगा।

आरक्षण निर्धारण प्रक्रिया आज से

आरक्षण प्रक्रिया निर्धारण के बाद देर शाम जारी शासनादेश में समय सारिणी भी तय कर दी गयी। आरक्षण की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होगी। 17 व 18 सितंबर को प्रदेश मुख्यालय से जिलों को आरक्षण की संख्या भेज दी जाएगी। 19, 20 व 21 सितंबर को प्रदेश व ब्लाक स्तर पर टे्रनिंग के कार्यक्रम होंगे। 19 सितंबर को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा और 20-21 को ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। निदेशक उदयवीर सिंह ने बताया 22-25 सितंबर को जिलों में आरक्षण प्रस्ताव तैयार होंगे और 26 से 28 सितंबर तक सूचियों का अनंतिम प्रकाशन होगा। 26 सितंबर से एक अक्टूबर तक आपत्ति ली जाएगी और चार व पांच अक्टूबर को निस्तारण किया जाएगा। अंतिम सूचियां जिलों में छह व सात अक्टूबर को प्रकाशित करने के बाद आठ को अंतिम सूची शासन को सौंप दी जाएगी।

नए रोटेशन से बहुतों को झटका

गत तीन चुनावों से जारी रोटेशन को शून्य कर देने से बहुतों को झटका लगा है। जो लोग रोटेशन की पुरानी व्यवस्था से इस बार आरक्षण में ग्राम पंचायत प्रधान बनने का सपना देख रहे थे, उनके लिए यह प्रस्ताव बड़े झटके जैसा है। नई प्रक्रिया में बहुत लोगों को हक मारे जाने की शिकायत भी बनी रहेगी। भाजपा उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ल ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा अलोकतांत्रिक है। इस परंपरा को आने वाली सरकारें अपनाएगी तो पंचायतों में अराजकता जैसे हालात होंगे।

जिला व क्षेत्र पंचायत से इतर आरक्षण

पहली बार ऐसा होगा जब जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के लिए आरक्षण निर्धारण का अलग नियम होगा और ग्राम पंचायत प्रधान व पंचायत सदस्यों केलिए दूसरा। त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था मे दोहरे आरक्षण नियम पर सफाई देते हुए निदेशक पंचायती राज उदयवीर सिंह का कहना है कि पुनर्गठन में नई जिला पंचायत अथवा किसी क्षेत्र पंचायत का गठन नहीं हुआ है, इसलिए रोटेशन का पुराना फार्मूला काम में लाया गया जबकि ग्राम पुर्नगठन के काफी परिर्वतन हुआ।

Edited By Nawal Mishra

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