यूपी 68500 शिक्षक भर्ती में अनियमितता मामले में पीएनपी की पूर्व सचिव डॉ. सुत्ता सिंह पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में 68500 शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता के मामले में तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) प्रयागराज डा. सुत्ता सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। वे इन दिनों सीमैट प्रयागराज का निदेशक पद संभाल रही हैं।

Umesh TiwariPublish: Mon, 17 Jan 2022 12:51 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 08:13 AM (IST)
यूपी 68500 शिक्षक भर्ती में अनियमितता मामले में पीएनपी की पूर्व सचिव डॉ. सुत्ता सिंह पर कार्रवाई

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में 68500 शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता के मामले में तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) प्रयागराज डा. सुत्ता सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव आरवी सिंह की ओर से जारी आदेश में सहायक अध्यापक भर्ती में बरती गई शिथिलता को देखते हुए पूर्व सचिव को परिनिंदित करते हुए ये कार्रवाई की गई है। वे इन दिनों सीमैट प्रयागराज का निदेशक पद संभाल रही हैं। बेसिक शिक्षा अफसरों के अनुसार इस कार्रवाई से असर उनके प्रमोशन पर भी असर पड़ेगा।

ज्ञात हो कि 68500 की लिखित परीक्षा में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया था जो फेल हो गए थे या परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे। कुछ अभ्यर्थियों की कापी बदल गई थी मामला प्रकाश में आने के बाद शासन ने तत्कालीन सचिव डा. सुत्ता सिंह को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए थे। आरोप थे कि दो अभ्यर्थियों के बिना परीक्षा दिए पास कर दिया गया और 21 अन्य अभ्यर्थियों के फेल होने के बावजूद उन्हें पास किया गया।

जांच में इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद शासन ने उन्हें निलंबित करके अनुशासनात्मक जांच कराई थी। उसी के तहत अब भर्ती परीक्षा में शिथिलता बरतने के मामले में परिनिंदित किया गया है। शासन ने एक अन्य मामले में उन्नाव के पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी जय सिंह के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।

Edited By Umesh Tiwari

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