मौसम का हाल: ठंड ने तोड़ा 18 साल का रिकार्ड, पारा @ 2.6 डिग्री, अभी कितना और सताएगी सर्दी

UP Weather News यूपी के कानपुर में सर्दी रिकार्ड तोड़ रही है और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण पारा गिर रहा है। अबतक न्यूनतम तापमान 2.6 और अधिकतम पारा 11.6 दर्ज किया गया है। फिलहाल सर्दी और गलन बरकरार रहेगी।

Abhishek AgnihotriPublish: Tue, 18 Jan 2022 03:52 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 03:52 PM (IST)
मौसम का हाल: ठंड ने तोड़ा 18 साल का रिकार्ड, पारा @ 2.6 डिग्री, अभी कितना और सताएगी सर्दी

कानपुर, जागरण संवाददाता। इस बार सर्दी रिकार्ड बनाने की ओर बढ़ रही है, बीते दो दिनों से पारा में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। कानपुर में ठंड ने 18 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है और दिन का तापमान सबसे न्यूनतम 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है। वहीं सोमवार की रात न्यूनतम तापमान 2.6 रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री कम रहा है। मौसम विभाग की मानें तो हिमालय के पास आए पश्चिमी विक्षोभ ने पहाड़ों पर बर्फबारी कराने के साथ ही मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही शुरू करा दी है। इस कारण दिन का तापमान तेजी से गिर रहा है और पूरे दिन शीतलहर और गलन बढ़ रही है।

यूपी में उत्तर पश्चिमी बर्फीली हवाओं से सर्दी सितम ढा रही है। 18 वर्ष बाद सोमवार को कानपुर में सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। दूसरे दिन बुधवार को भी कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के चलते लोग ठिठुरते रहे। सोमवार की रात न्यूनतम तापमान 4.6, जो मंगलवार की रात और लुढ़कर 2.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सुबह दस बजे तक सड़कों पर कोहरा छाए रहने से वाहनों पर ब्रेक लगी रही। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले तीन दिन तक तापमान बेहद कम रहने का अनुमान जताया है। इस सप्ताह मध्य उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप जारी रहेगा। अगले 48 घंटे में कानपुर सहित पूरे मंडल में कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी। सुबह और शाम घने कोहरे के साथ बादलों की आवाजाही रहेगी।

पहाड़ों पर बर्फबारी से ठिठुरे मैदान : सीएसए विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हिमालय के पास एक पश्चिमी विक्षोभ तेजी से अपना असर दिखा रहा है। इसके चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है और उत्तर पश्चिम से आ रही ये बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में शीतलहर व गलन बढ़ा रही हैं। रविवार को जहां अधिकतम तापमान 16 डिग्री था। वहीं, सोमवार को दिन का तापमान साढ़े चार डिग्री लुढ़ककर पिछले 18 वर्षों में सबसे कम 11.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पूर्व वर्ष 2003 में अधिकतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि उस दौरान न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस था।

जेट स्ट्रीम से बढ़ रहा कोहरा और गलन : डा. पांडेय ने बताया कि प्रशांत महासागर में ला-नीना प्रभाव के कारण समुद्र के पानी का तापमान सामान्य से ठंडा हो रहा है। इसके साथ ही जेट स्ट्रीम के कारण भी उत्तर पश्चिम से आ रही बर्फीली हवाओं की मात्रा बढ़ती जा रही है। ये दोनों प्रभाव मिलकर कोहरा और गलन बढ़ा रहे हैं। इसके कारण ही शीतलहर और ठिठुरन बढ़ती जा रही है।

21 के बाद छाएंगे बादल : मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक, 21 तारीख के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देने की उम्मीद है। तब आसमान में बादल छाएंगे और तापमान में मामूली इजाफा हो सकता है। हालांकि, दिन में शीतलहर व गलन और सुबह कोहरा व धुंध का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। सूर्य की गर्मी कम रहेगी, इससे लगातार सर्दी का एहसास होता रहेगा। किसानों को सलाह है कि वे फसलों पर आवश्यकतानुसार खरपतवार नाशी, कीटनाशी एवं रोग नाशी का छिड़काव करें।

Edited By Abhishek Agnihotri

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