चुनाव में प्रचार के बदल गए रंग और ढंग, नेताजी आए हैं.., सैनिटाइजर और मास्क लाए हैं

यूपी में चुनावी महासमर की शुरुआत के साथ प्रत्याशी और दावेदारों ने अब प्रचार का रंग और ढंग दोनों ही बदल दिए हैं। अब सैनिटाइज और मास्क प्रचार के साथी हो गए हैं जिनपर चुनावी रंग चढ़ा दिया गया है।

Abhishek AgnihotriPublish: Fri, 21 Jan 2022 05:28 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 05:28 PM (IST)
चुनाव में प्रचार के बदल गए रंग और ढंग, नेताजी आए हैं.., सैनिटाइजर और मास्क लाए हैं

कानपुर, जागरण टीम। कोरोना ने बहुत कुछ बदल दिया है। चुनाव में प्रचार का रंग भी। प्रचार बंदिशों में बंध गया तो राजनीतिक दलों ने नए उपाय खोज लिए हैं। जरा आप देखिए प्रचार के ये रंग...।

पहले आपको ले चलते हैं फर्रुखाबाद। यहां एक प्रत्याशी की ओर से इन दिनों लोगों के बीच सैनिटाइजर बांटा जा रहा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मतदाताओं की सुरक्षा के लिए उनका यह प्रयास है। हालांकि, चुनावी मौसम में इसके पीछे असल प्रयास क्या चल रहा है, सब जानते हैं। उधर, महोबा में पार्टी के मास्क और टोपी भी प्रचार के लिए तैयार है। महोबा शहर के प्रचार सामग्री तैयार करने वाले दुकानदार ने बताया कि उसके पास अभी तक करीब पांच सौ मास्क, एक हजार टोकी के आर्डर आए हैं। मास्क में आगे पार्टी का चुनाव निशान बनाया गया है। टोपी में चुनाव निशान के साथ झंडे का रंग भी है। अभी कुछ बड़ी पार्टी की ओर से ही आर्डर हैं। दुकानदार के अनुसार पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 25 फीसद ही धंधा चल रहा है। उम्मीद है, चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़े तो और आर्डर मिलने लगे।

मैदान खाली, फेसबुक पर सज रहा मंच

मैदानी सभाओं का मंच इंटरनेट मीडिया पर सज गया है। फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप ही चुनावी हथियार बन गए हैं। यह बांदा जिले का दृश्य है। भाजपा कार्यालय में एक कमरा सबसे व्यस्त है। जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद बताते हैं, चुनाव प्रचार के लिए यह हमारा आइटी सेल और सोशल मीडिया प्रकोष्ठ है। यहीं से जनता तक बात पहुंचाने की तैयारी है। उधर, बसपा भी डिजिटल प्रचार के लिए वार रूम तैयार कर रहा है। जिलाध्यक्ष गुलाब वर्मा कहते हैं, वाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं। अब फतेहपुर जिले में भी ले चलते हैं। यहां भी तमाम पार्टियों के नेता गूगल मीट के जरिए बैठक कर रहे हैं। कैसे डिजिटल प्रचार से जनता को जोड़ा जाए, उसकी तैयारी चल रही है। वार रूम तैयार हैं।

आ रहे संदेश... मैं आपका भाई, बेटा

उन्नाव में रमेश तिवारी ने अभी अपना मोबाइल उठाकर देखना ही शुरू किया था कि वाट्सएप पर अनजान नंबर से संदेश आया था। खोलते ही पढऩे को मिला, आपका भाई और बेटा....विधानसभा क्षेत्र। हर सुख-दुख में आपका साथी। अन्य जिलों में ऐसे संदेशों का सिलसिला शुरू है। चाहे टिकट अभी न मिला हो लेकिन, दावेदार प्रचार में पीछे नहीं। फर्रुखाबाद में तो एक दावेदार रोज सुबह 10 बजे फेसबुक पर लाइव हो जाते हैं।

Edited By Abhishek Agnihotri

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