UP Chunav 2022 : सपा ने फर्रुखाबाद की चारों सीटों पर उतारे प्रत्याशी, नामांकन से ठीक पहले इनपर लगाया दांव

समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलते हुए जिले की चारों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भोजपुर से अरशद जमाल सिद्दीकी कायमगंज से सर्वेश अंबेडकर पर दांव लगाया है। वहीं सदर और अमृतपुर से भी प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं।

Abhishek VermaPublish: Mon, 24 Jan 2022 07:56 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 07:56 PM (IST)
UP Chunav 2022 : सपा ने फर्रुखाबाद की चारों सीटों पर उतारे प्रत्याशी, नामांकन से ठीक पहले इनपर लगाया दांव

फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। नामांकन की तिथि आने के एक दिन पहले समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलते हुए जिले की चारों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसमें तीन सीटों पर नये चेहरों को मौका दिया है। भोजपुर में अपने पुराने प्रत्याशी पर फिर से भरोसा जताया है। समाजवादी पार्टी ने इन प्रत्याशियों के जरिए दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोटों पर निशाना साधा है।

सोमवार को समाजवादी पार्टी ने फर्रुखाबाद सदर सीट से महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्या की पत्नी सुमन मौर्या और अमृतपुुर विधानसभा क्षेत्र से डा. जितेंद्र सिंह यादव, कायमगंज सुरक्षित सीट से सर्वेश अंबेडकर और भोजपुर से पार्टी के पूर्व विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अरशद जमाल सिद्दीकी को अपना प्रत्याशी बनाया है। सुमन मौर्या रविवार शाम को ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुई थीं।

विधानसभा क्षेत्र - कायमगंज (सुरक्षित) (192)

बसपा से पिछले चुनाव में सपा में आए थे सर्वेश

सर्वेश अंबेडकर ने राजनीति की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। 1997 में वह फर्रुखाबाद के बसपा जिलाध्यक्ष भी रहे। फर्रुखाबाद से कटकर कन्नौज जिला बनने के बाद सर्वेश अंबेडकर ने वहां राजनीति की। उनकी पत्नी मुन्नी देवी 2011 में बसपा से कन्नौज की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहीं। उसके बाद सर्वेश अंबेडकर ने 2017 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा के अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस वक्त वह सपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं। समाजवादी पार्टी ने गोपनीय तरीकेे से सर्वेश अंबेडकर को दो दिन पहले ही फार्म-बी देकर चुनावी तैयारी करने के निर्देश दे दिए थे।

विधानसभा क्षेत्र - अमृतपुर (193)

समाजसेवा कर रखा राजनीति में कदम

नवाबगंज क्षेत्र के गांव बबना निवासी डा. जितेंद्र सिंह यादव के फर्रुखाबाद और कन्नौज जिले में आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज समेत कई शैक्षिक संस्थान हैं। समाजसेवा के जरिए नाम चर्चा में आया तो उन्होंने राजनीति की राह पकड़ ली। उनकी पत्नी डा. अनीता रंजन बिहार के बाहुवली सांसद पप्पू यादव की बहन हैं। डा. अनीता नवाबगंज की दूसरी बार ब्लाक प्रमुख हैं। डा. जितेंद्र यादव पहली बार 2012 के चुनाव में जनक्रांति पार्टी से अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र चुनावी मैदान में उतरेे थे। उस चुनाव में उन्हें 31940 मत हासिल हुए और दूसरे नंबर पर रहे थे। उसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और प्रदेश सचिव भी रह चुके हैं।

विधानसभा क्षेत्र - फर्रुखाबाद सदर (194)

दो बार महान दल से लड़ चुकींं हैं सुमन

महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्या की 48 वर्षीय पत्नी सुमन फर्रुखाबाद सदर सीट पर पहली बार चुनावी मैदान में सपा के टिकट उतरी हैं। इससे पहले वह 2012 में कासगंज जिले की अमापुर विधानसभा क्षेत्र से महान दल सेे चुनाव लड़ चुकी हैं। वहां उन्हें करीब 14 हजार मतों पर ही संतोष करना पड़ा था। 2013 में मध्य प्रदेश के जनपद मुरैैना में जौरा सीट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। वहां वह 17 हजार मत पा सकी थीं। इंटरमीडिट तक पढ़ीं सुमन मूलत: जनपद जौनपुर की निवासी हैं और इन दिनों परिवार समेत बी-354, अंसल टाउन, आगरा में रह रही हैं।

विधानसभा क्षेत्र- भोजपुर (195)

पिता की विरासत संभाल रहे अरशद

भोजपुर से चार बार विधायक रह चुके जमालुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अरशद जमाल सिद्दीकी अपनी पिता की विरासत वाली सीट से दोबारा समाजवार्टी से प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इससे पहले 2017 में 38 वर्षीय अरशद जमाल सिद्दीकी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े। इन्हें 58796 मत मिले थे। उस चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह राठौर से 34877 मतों से हार गए थे। अरशद जमाल के भाई राशिद जमाल सिद्दीकी कमालगंज के ब्लाक प्रमुख भी रहे हैं। अरशद जमाल सिद्दीकी का बीड़ी उद्योग, शीतगृह भी हैं।

Edited By Abhishek Verma

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