कानपुर आइटीआइ में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से बनेगी स्किल लैब, विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण में होगी आसानी

पिछले वर्ष आइआइटी में लगे रोजगार मेले में अभ्यर्थियों का चयन अपेक्षाकृत कम रहा। करीब 2400 नौकरियों के सापेक्ष 370 विद्यार्थियों का ही चयन हो सका था। प्लेसमेंट कम होने का कारण छात्रों का स्किल डवलपमेंट न होना माना गया।

Shaswat GuptaPublish: Wed, 12 Jan 2022 07:46 AM (IST)Updated: Wed, 12 Jan 2022 01:36 PM (IST)
कानपुर आइटीआइ में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से बनेगी स्किल लैब, विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण में होगी आसानी

कानपुर, जागरण संवाददाता। राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व कंपनियों के सहयोग से स्किल लैब बनेंगी। विद्यार्थियों को इन लैब में उद्योग व कारखानों में कार्यप्रणाली के संबंध में प्रायोगिक जानकारी प्रदान की जाएगी। शासन ने सभी संस्थानों के प्रधानाचार्यों को इस बाबत निर्देश दिए हैं और अपने क्षेत्र के उद्योगपतियों से सामंजस्य स्थापित करने के लिए कहा है।

पिछले वर्ष आइआइटी में लगे रोजगार मेले में अभ्यर्थियों का चयन अपेक्षाकृत कम रहा। करीब 2400 नौकरियों के सापेक्ष 370 विद्यार्थियों का ही चयन हो सका था। प्लेसमेंट कम होने का कारण छात्रों का स्किल डवलपमेंट न होना माना गया। शासन ने सभी आइटीआइ में औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से सभी ट्रेड के लिए स्किल डवलपमेंट के लिए लैब बनवाने के निर्देश दिए हैं। ताकि पढ़ाई के बाद विद्यार्थी वहां पर प्रशिक्षण ले सकें।  

पांडु नगर स्थित आइटीआइ के प्रधानाचार्य केएम ङ्क्षसह ने बताया कि संस्थान में पहले से ही तीन कंपनियों मारुति, एचएएल और होंडा स्कूटर की ओर से लैब संचालित हो रही है। शासन के निर्देश मिलने के बाद अब लोहिया और जेके सीमेंट के अधिकारियों से भी लैब बनवाने के लिए वार्ता चल रही है। लैब बन जाने से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलाने में आसानी होगी और भविष्य में सेवायोजन में भी इजाफा होगा। महिला आइटीआइ लालबंगला के प्रधानाचार्य अरुण मिश्रा ने बताया कि संस्थान में 12 पाठ्यक्रम चल रहे हैं। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से संपर्क करके स्किल लैब बनवाने की कोशिश की जा रही है। लैब बनने के बाद उस पर उनकी कंपनी का ही नाम लिखा जाएगा। एक लैब बनवाने में न्यूनतम 10 लाख रुपये खर्च आने की संभावना है।

Edited By Shaswat Gupta

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