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कानपुर की अर्मापुर नहर में डूब रही मासूम को बचाने के लिए ई-रिक्शा चालक ने लगाई छलांग, दोनों लापता

पनकी थाना क्षेत्र के रानीगंज निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र कुमार ई-रिक्शा चालक है। सोमवार दोपहर नरेंद्र ई-रिक्शा लेकर पूजा सामग्री डालने अर्मापुर नहर जा रहा था। तभी पड़ोसी छोटू की चार वर्षीय बेटी आरुषि भी मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ ई रिक्शा पर बैठने की जिद करने लगी।

Akash DwivediTue, 06 Jul 2021 03:28 PM (IST)
कानपुर की अर्मापुर नहर में डूब रही मासूम को बचाने के लिए ई-रिक्शा चालक ने लगाई छलांग, दोनों लापता

कानपुर, जेएनएन। अर्मापुर नहर में पड़ोसी ई-रिक्शा चालक के साथ गई मासूम का संतुलन बिगड़ जाने से वह नहर में जा गिरी। मासूम को डूबता देख ई-रिक्शा चालक ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। लेकिन देखते ही देखते दोनों लापता हो गए। सूचना पर पनकी व अर्मापुर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की। लेकिन तेज बहाव के चलते दोनों का पता नहीं लग सका। जिसके बाद पुलिस ने नहर में जाल डाल कर दोनों की तलाश शुरू कर दी है।

इस तरह हुआ हादसा: पनकी थाना क्षेत्र के रानीगंज निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र कुमार ई-रिक्शा चालक है। सोमवार दोपहर नरेंद्र ई-रिक्शा लेकर पूजा सामग्री डालने अर्मापुर नहर जा रहा था। तभी पड़ोसी छोटू की चार वर्षीय बेटी आरुषि भी मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ ई रिक्शा पर बैठने की जिद करने लगी। जिस पर नरेंद्र आरुषि समेत मोहल्ले के उन्य छह बच्चों को ई-रिक्शा में बैठा अर्मापुर नहर पहुंच गया। पानी से खेलते समय संतुलन बिगड़ जाने के चलते आरुषि नहर में जा गिरी। जिसे डूबता देख नरेंद्र ने भी नहर में छलांग लगा दी। कुछ ही देर के बाद दोनों लापता हो गए। रोते-बिलखते बच्चों ने घटना की जानकारी राहगीरों को दी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पनकी व अर्मापुर पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर दोनों की तलाश शुरू की। करीब आधा दर्जन गोताखोर अर्मापुर नहर पुल से लेकर दादा नगर रेलवे पुल तक मासूम समेत ई-रिक्शा चालक की तलाश कर रहे हैं। पनकी इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी ने बताया कि दोनों की तलाश जारी है। नहर में तेज बहाव को देखते हुए जाल लगाकर दोबारा से दोनों को तलाश करने की तैयारी की जा रही है।

भोजन के लिए रुकता चालक, तो टल जाता हादसा: ई-रिक्शा चालक नरेंद्र जब गाड़ी चलाकर दोपहर में घर पहुंचा, तो पत्नी निशा ने उससे खाना खाने के लिए कहा। जिस पर नरेंद्र पूजा सामग्री को नहर में फेंक कर आने की बात कहकर घर से निकल गया। इस बीच नरेंद्र अगर खाना खाने के लिए बैठ जाता, तो शायद नहर जाते समय आरुषि व अन्य बच्चे साथ में जाने की उससे जिद न करते। दूसरी ओर घटनास्थल पहुंची आरुषि की मां रूबी रो रो कर कहने लगी कि बेटी पनकी मंदिर जाने की जिद कर रही थी। जिसे उन्होंने शाम को ले जाने की बात कह कर टाल दिया। बेटी की बात मान मंदिर चली गई होती, तो उसकी जान बच जाती।

Edited By: Akash Dwivedi

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