सबस्टेशनों का रिमोट से कंट्रोल, मानव रहित होगी बिजली व्यवस्था

स्मार्ट सिटी के तहत केस्को के 14 सबस्टेशनों को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। अब इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा। बिजली व्यवस्था मानव रहित हो जाएगी। आइआइटी में बने कंट्रोल रूम से सबस्टेशनों का संचालन होगा। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशानियों से निजात मिलेगी। किस उपभोक्ता की लाइन में फाल्ट आया है फौरन जानकारी मिल जाएगी। फाल्ट सही करने के लिए लाइनमैन भी मनमाना शटडाउन नहीं ले सकेंगे।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 01:58 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 01:58 AM (IST)
सबस्टेशनों का रिमोट से कंट्रोल, मानव रहित होगी बिजली व्यवस्था

जागरण संवाददाता, कानपुर : स्मार्ट सिटी के तहत केस्को के 14 सबस्टेशनों को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। अब इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा। बिजली व्यवस्था मानव रहित हो जाएगी। आइआइटी में बने कंट्रोल रूम से सबस्टेशनों का संचालन होगा। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशानियों से निजात मिलेगी। किस उपभोक्ता की लाइन में फाल्ट आया है, फौरन जानकारी मिल जाएगी। फाल्ट सही करने के लिए लाइनमैन भी मनमाना शटडाउन नहीं ले सकेंगे।

सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्टिविजिशन (स्काडा) सिस्टम से सीएसए सहित आरबीआई, आरपीएच न्यू,कंपनीबाग सबस्टेशनों को जोड़ा गया है। इन सबस्टेशनों में स्काडा का परीक्षण चल रहा है। छह माह में केसा कालोनी में एक अन्य कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद 14 सबस्टेशनों स्काडा से जोड़ दिया जाएगा। यह होगी सुविधा

-सबस्टेशनों को दोहरी बिजली आपूर्ति मिलेगी। एक फीडर बंद होने पर दूसरे फीडर से आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

-किस जगह फाल्ट हुआ है, इसकी जानकारी भी तुरंत मिल जाएगी। कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन पर यह भी पता चल जाएगा कि किस उपभोक्ता की लाइन में फाल्ट हुआ है। इससे फाल्ट ढूंढ़ना नहीं पड़ेगा।

-कंट्रोल रूम से ही फीडर बंद व शुरू हो सकेंगे। फीडर बंद होने पर कितने उपभोक्ता प्रभावित हैं, इसकी जानकारी मिल सकेगी।

-लाइनमैन मनमाना शटडाउन भी नहीं ले सकेगे। शटडाउन होने पर कंट्रोल रूम के मानीटर पर प्रदर्शित होने लगेगा।

----------

लाइनलास रुकेगा, बिजली चोरी की जानकारी तुरंत

सबस्टेशनों में स्मार्ट बिजली व्यवस्था होने से लाइनलास तो रुकेगा ही बिजली चोरी का भी तुरंत पता चल जाएगा। सबस्टेशन का हर पल का डाटा कंट्रोल रूम तक पहुंचता रहेगा। किस फीडर व ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक है, किस लाइन पर कितनी बिजली की खपत हो रही है, इसकी जानकारी भी मिलती रहेगी। इससे बिजली चोरी का आसानी से पता चल जाएगा।

----------

वर्जन:::

चार सबस्टेशनों को स्काडा से जोड़कर उनका परीक्षण शुरू किया गया है। केसा कालोनी में कंट्रोल रूम का निर्माण चल रहा है। छह माह में इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद 14 सबस्टेशनों का संचालन कंट्रोल रूम से शुरू हो जाएगा।

-विपिन गंगवार सहायक अभियंता, निर्माण खंड, केस्को

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept