एक साल में पूरा हुआ दुष्कर्म मामले का ट्रायल, पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने सुनाई 20 साल की सजा

कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में पाक्सो कोर्ट में एक साल के अंदर ट्रायल कराकर विशेष न्यायाधीश ने आराेपित को बीस साल कैद की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह जेल और काटनी होगी।

Abhishek AgnihotriPublish: Mon, 23 May 2022 03:03 PM (IST)Updated: Mon, 23 May 2022 03:03 PM (IST)
एक साल में पूरा हुआ दुष्कर्म मामले का ट्रायल, पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने सुनाई 20 साल की सजा

कानपुर, जागरण संवाददाता : पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने दुष्कर्म के आरोपित को 20 साल और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। बिठूर थानाक्षेत्र में करीब तीन साल पहले हुई घटना के मामले में कोरोनाकाल के चलते कोर्ट की कार्रवाई प्रभावित रहने के बावजूद एक साल के अंदर ट्रायल के बाद आरोपित को यह सजा सुनाई गई है।

मूलरूप से इटावा जनपद के लबेदी मनियामऊ निवासी आकाश बाबू नारामऊ स्थित एक आइटीआइ कालेज में पढ़ने आया था वह हास्टल में रहता था। 23 नवंबर 2019 को उसने इलाके में रहने वाली नवीं की छात्रा संग स्वजन की गैरमौजूदगी में दुष्कर्म किया और धमकाते हुए भाग निकला। डरी सहमी छात्रा ने घटना के दस दिन बाद स्वजन को जानकारी दी तो उन्होंने बिठूर थाने में आरोपित आकाश बाबू के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद से आरोपित आकाश बाबू करीब ढाई साल से जेल में बंद है।

कोरोना के चलते कोर्ट की कार्रवाई प्रभावित रही हालांकि इस दौरान तेजी दिखाते हुए एक साल के अंदर ट्रायल कराकर आरोपित को कोर्ट नंबर-22 में पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विकास गुप्ता ने 20 साल और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की सजा और बढ़ा दी जाएगी।

Edited By Abhishek Agnihotri

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