निर्मला सीतारमण से हरनाज संधू तक...भारत की इन महिलाओं ने इस साल देश को दी नई ऊंचाई, पढ़ें सफरनामा 2021

सफरनामा 2021 कहने को तो महिलाएं आधी आबादी कही जाती हैं लेकिन हकीकत में पूरा दारोमदार उनके कंधों पर ही होता है। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के योगदान के बिना आगे बढ़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। पढ़ें कीर्ति सिंह आरती तिवारी और मलय बाजपेई की स्टोरी

Shaswat GuptaPublish: Fri, 24 Dec 2021 05:37 PM (IST)Updated: Fri, 24 Dec 2021 05:37 PM (IST)
निर्मला सीतारमण से हरनाज संधू तक...भारत की इन महिलाओं ने इस साल देश को दी नई ऊंचाई, पढ़ें सफरनामा 2021

कानपुर। सफरनामा 2021 : कोरोना संकट में देशवासियों को आत्मनिर्भर पैकेज देने वाली केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से लेकर मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने वाली हरनाज संधू तक कई महिलओं ने इस वर्ष देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वहीं इसी साल टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू और महिला हाकी टीम ने भी भारत को गौरवांवित अनुभव कराने में महिला शक्ति ने अग्रणी भूमिका निभाई। 

आत्मनिर्भर पैकेज से दी मजबूती: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना से प्रभावित देश को मजबूती देने के लिए आत्मनिर्भर पैकेज की घोषणा की, जिससे देशवासियों को आर्थिक भार से कुछ राहत मिली। उन्हें विश्व की 100 सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं की फोब्र्स सूची में 37वां स्थान मिला।

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मेहनत से पाई नई ऊंचाई: फ्रेंच लग्जरी ग्रुप शनल ने महाराष्ट्र के कोल्हापुुर में पली-बढ़ी लीना नायर को अपना ग्लोबल सीईओ बनाया। जनवरी से वह नया पदभार संभालेंगी। वर्तमान में वह यूनीलिवर की चीफ ह्यूमन रिसोर्स आफिसर हैं। यूनीलिवर से बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी उन्होंने करीब 30 साल पहले अपना करियर शुरू किया था।

अरबपति बनने का सफर: कोटक महिंद्रा कैपिटल की प्रबंध निदेशक के तौर पर फाल्गुनी नायर का करियर सफल था, पर उन्हें कुछ नया करना था। वर्ष 2012 में नौकरी से त्यागपत्र देकर उन्होंने फैशन एंड ब्यूटी ई-कामर्स कंपनी नायका की शुरुआत की। अथक मेहनत और नवोन्मेषी विचारों से उन्होंने कंपनी के बिजनेस को बढ़ाया। आज उनकी कंपनी नायका करीब 13 अरब डालर की पूंजी के साथ स्टाक मार्केट में मौजूद है। फाल्गुनी कहती हैं कि महिलाएं चाहें तो पारिवारिक बचत के पैसों से व्यवसाय के सपने को साकार कर सकती हैं।

बिजनेस के साथ सामाजिक सरोकार: एचसीएल टेक्नोलाजीज के संस्थापक शिव नाडर की बेटी रोशनी नाडर पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए बतौर चेयरपर्सन कंपनी को नई ऊंचाई देने में तत्पर हैं। विश्व की 100 सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं की सूची में लगातार तीसरी बार उन्हें स्थान मिला। कोविड 19 के बावजूद उनकी कंपनी ने जुलाई-सितंबर के मध्य करीब 20 हजार करोड़ की कमाई की। शिव नायर फाउंडेशन के जरिए वह बच्चों की शिक्षा व समाजसेवा के कार्यों से भी जुड़ी हैं।

वैक्सीन निर्माण से जीवनरक्षा: भारत बायोटेक कंपनी हेपेटाइटिस बी, इनफ्लूएंजा, एच1एन1 व रोटा वायरस के टीके बनाने में सक्रिय थी, पर जब कोरोना की चुनौती सामने आई तो इसका टीका तैयार करने का कार्य कंपनी की सह प्रबंध निदेशक सुचित्रा इला के लिए प्राथमिकता बन गया। उनके कुशल नेतृत्व में भारत बायोटेक द्वारा तैयार कोरोना के टीके कोवैक्सीन के जरिए देश के टीकाकरण को रफ्तार मिली व लाखों जानें बचाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ।

खेल जगत से

महिला हाकी टीम: इस साल टोक्यो में हुए ओलिंपिक खेलों में भारतीय महिला हाकी टीम भले ही मेडल से चूक गई, लेकिन भावी महिला हाकी खिलाड़ियों के लिए हौसले की गाथा जरूर रच गई। यह पहला मौका था जब भारतीय महिला हाकी टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। टीम के प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया। इसके साथ भारत में हाकी के लिए नए दरवाजे भी खुल गए हैं।

देश को गर्व कराया मीराबाई चानू ने: टोक्यो ओलिंपिक 2020 में पदक श्रृंखला में भारत का खाता खोलने वाली भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने इस साल ओलिंपिक में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक दिलाया। कर्णम मल्लेश्वरी के बाद मीराबाई चानू ने यह पदक जीतकर देश को दूसरी बार गर्व करने का मौका दिया।

बुलंद हौसले वाली अवनी लेखरा: बुलंद हौसले और कभी हार न मानने के जज्बे का नाम है अवनि लेखरा। 19 साल की अवनि ने टोक्यो पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एचएस1 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। वह पैरालिंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली पहली महिला और एक ही चरण में कई पदक जीतने वाली देश की दूसरी खिलाड़ी बन गईं।

सफल क्रिकेटर मिताली राज: भारत की सबसे सफल महिला क्रिकेटर मिताली राज ने इस साल कब्जा जमाया प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार पर। 220 वनडे खेलने वाली दुनिया की इकलौती महिला खिलाड़ी मिताली के नाम सात शतक दर्ज हैं और वनडे क्रिकेट में नंबर वन रैंकिंग के साथ दुनिया की टाप बल्लेबाज हैं।

प्रतिभा साबित कर चुकी हैैं कोनेरू हंपी: वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप की मौजूदा विजेता कोनेरू हंपी इस साल घोषित की गईं श्रेष्ठ महिला खिलाड़ी। देश की सबसे अच्छी महिला खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए शुरू हुए बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन आफ द ईयर अवार्ड के दूसरे संस्करण की विजेता शतरंज खिलाड़ी इंटरनेशनल ग्रैंड मास्टर कोनेरू हंपी 15 साल की उम्र में ही ग्रैंड मास्टर बनकर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं।

युवाओं को प्रोत्साहित करती हैैं अंजू बाबी जार्ज: वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की पहली और इकलौती एथलीट अंजू बाबी जार्ज को वर्ल्ड एथलेटिक्स ने वुमन आफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया। एथलेटिक्स की गवर्निंग बाडी ने यह अवार्ड उनके शानदार कोचिंग और भारत में खेल के प्रति युवा लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया है। अंजू यह सम्मान जीतने वाली दूसरी महिला हैं।

मनोरंजन जगत

दादासाहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित हुईं दीपिका: हर फिल्म में अपने अभिनय से दर्शकों को आकर्षित किया है दीपिका पादुकोण ने। फिल्म छपाक में   दीपिका ने एसिड अटैक से पीड़ित एक लड़की का किरदार निभाया था। छपाक के प्रदर्शन के बाद से ही कोरोना महामारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। इसके बावजूद छपाक में निभाए किरदार को खासी सराहना मिली। यही नहीं दीपिका पादुकोण को फिल्म छपाक के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का इस वर्ष दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवाड्र्स भी प्रदान किया गया। गौरतलब है कि इसी फिल्म से दीपिका ने निर्माता के रूप में भी अपनी नई पारी की शुरुआत की है। मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित यह फिल्म एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी पर आधारित है। 15 साल की उम्र में वर्ष 2005 में लक्ष्मी पर एक कथित प्रेमी द्वारा हमला किया गया था। लक्ष्मी को कई सर्जरी से गुजरना पड़ा था। बाद में उन्होंने एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद करने का काम संभाला और ऐसे हमलों को रोकने के लिए अभियानों को बढ़ावा दिया।

चर्चा में रहीं : अपने बयानों और स्पष्टवादिता के चलते चर्चा में रहने वाली बालीवुड क्वीन कंगना रनोट बेहतरीन किरदारों के माध्यम से दर्शकों के बीच छाई रहती हैं। देशप्रेम और स्वाधीनता की भावना से प्रेरित बायोपिक फिल्म मणिकर्णिका द क्वीन आफ झांसी और खेल की भावना को ऊंचाइयों तक ले जाने वाली फिल्म पंगा के लिए कंगना रनोट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2021 प्रदान किया गया। कंगना जिस भी भूमिका को निभाती हैं, वह खुद को उसमें पूरी तरह ढाल लेती हैं। फिल्म थलाइवी को भी दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इसमें उन्होंने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता का किरदार निभाया है। इस फिल्म में काम करने के बारे में कंगना ने कहा कि यह फिल्म मेरे लिए जीवन बदलने वाला अनुभव रही, क्योंकि इससे मुझे बहुत सी बातें सीखने को मिलीं।

हर घर में दी सुरभि चांदना ने दस्तक: धारावाहिक इश्कबाज में अनिका ओबेराय, संजीवनी में डा. ईशानी अरोरा और नागिन 5 में बानी सिंघानिया के किरदार से छोटे पर्दे के दर्शकों के बीच छाईं अभिनेत्री सुरभि चांदना की किस्मत पुरस्कार पाने की दौड़ में बहुत अच्छी है। वर्ष 2017, 2018 और 2020 में आइटीए बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड पाने वाली सुरभि चांदना को बेस्ट टीवी एक्ट्रेस के लिए वर्ष 2021 का दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवाड्र्स प्रदान किया गया। शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा से अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली सुरभि म्यूजिक वीडियो बेपनाह प्यार का हिस्सा भी बनीं और फिल्म बाबी जासूस में आमना खान के कैमियो रोल से दर्शकों को आकर्षित किया। कई लोकप्रिय टीवी सीरियलों में विभिन्न किरदार अदा कर चुकी सुरभि को वर्ष 2014 में धारावाहिक कुबूल है में हया का मुख्य किरदान निभाने का मौका मिला था। इसके बाद से सुरभि घर-घर में अपने किरदार से दर्शकों के बीच जगह बनाने में सफल रही हैं।

नोरा की अदाओं का जलवा: कैनेडियन एक्ट्रेस, डांसर, माडल और सिंगर नोरा फतेही अपनी खूबसूरत अदाओं के चलते चर्चा में बनी रहती हैं। फिल्म रोर- टाइगर्स आफ द सुंदरबन्स से वर्ष 2014 में बालीवुड में दस्तक देने वाली नोरा फिल्म टेंपर, बाहुबली, किक 2, स्त्री, बाटला हाउस, भुज द प्राइड आफ इंडिया और सत्यमेव जयते 2 का हिस्सा बन चुकी हैं। छोटे पर्दे पर कई रियलिटी शो और बिग बास 9 का हिस्सा रह चुकी नोरा फतेही के नाम कई पापुलर म्यूजिक वीडियो वर्ष 2017 से संगीत प्रेमियों को लुभा रहे हैं। अपने फैंस के दिलों को अपनी अदाओं से मदहोश करने वाली नोरा को इस वर्ष परफार्मर आफ द ईयर का दादा साहब इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड प्रदान किया गया।

सिर पर सजा ताज

हरनाज बनीं मिस यूनिवर्स: हर लड़की का सपना होता है कि वह एक दिन अपनी खूबसूरती और बेहतरीन सोच से दुनिया को आकर्षित करे और अपने देश का प्रतिनिधित्व करे। हरनाज संधू तीसरी ऐसी भारतीय युवती हैं जिन्होंने इस वर्ष मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम किया। वर्ष 2017 में मिस चंडीगढ़ चुनी गईं हरनाज ने फेमिना मिस इंडिया 2019 में शीर्ष 12 कंटेस्टेंट में अपनी जगह बनाई थी। मिस दिवा प्रतियोगिता में अव्वल आने के बाद मिस यूनिवर्स के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली हरनाज ने दुनियाभर की सुंदरियों के बीच भारत का नाम रोशन कर मिस यूनिवर्स का ताज पहना। हरनाज से पहले सुष्मिता सेन और लारा दत्ता ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मिस यूनिवर्स का ताज पहना था। मिस यूनिवर्स हरनाज ने प्रतियोगिता से पूर्व ही दो पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है। ये फिल्में अगले वर्ष रिलीज होंगी।

Edited By Shaswat Gupta

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