कानपुर में दो दिन मना मकर संक्रांति पर्व, खिचड़ी दान और गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

Makar Sankranti 2022 ग्रहों की चाल के कारण इस बार दो दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। बीते शुक्रवार रात को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया। इसकी वजह से शनिवार को भी पर्व मनाया जाएगा। दोनों दिन बिठूर समेत शहर के घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।

Abhishek VermaPublish: Sat, 15 Jan 2022 06:31 PM (IST)Updated: Sat, 15 Jan 2022 06:31 PM (IST)
कानपुर में दो दिन मना मकर संक्रांति पर्व, खिचड़ी दान और गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

कानपुर, जागरण संवाददाता। Makar Sankranti 2022: शहर में मकर संक्रांति का पर्व दो दिन का रहा, शनिवार को भी लोगों ने भोर पहर ही गंगा स्नान किया और खिचड़ी का दान किया। बिठूर ब्रह्मावर्त, सरसैया समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और सूर्य आराधना के बाद दान-पुण्य किया। घाटों पर सीमित संख्या में ही श्रद्धालु पहुंचे।

ग्रहों की चाल के कारण इस बार दो दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। बीते शुक्रवार रात को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया। इसकी वजह से शनिवार को भी पर्व मनाया जाएगा। शुक्रवार और शनिवार दोनों दिन बिठूर के घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया। शहर के सरसैया, मैस्कर, सिद्धनाथ और परमट घाट पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान-दान किया। घाटों पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने पानी कम होने के चलते नाव से मुख्य धारा में जाकर स्नान किया। जरूरतमंदों में खिचड़ी और वस्त्र का वितरण किया। शहर के कई स्थानों पर सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ।

इस्कान मंदिर में श्रीमद्भागवत गीता महायज्ञ : मैनावती मार्ग स्थित इस्कान मंदिर में शुक्रवार को श्रीमद्भागवत गीता महायज्ञ हुआ। गीता जयंती समारोह के तहत एक लाख गीता के वितरण का लक्ष्य हासिल करने पर महायज्ञ का आयोजन किया गया। सैकड़ों भक्तों ने महायज्ञ के जरिए महामारी के खात्मे और और युवाओं में गीता के संस्कार समाहित होने की प्रार्थना की।

Edited By Abhishek Verma

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