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मौसम बदलने से बढ़ी बीमारियां, सफाई के साथ खाएं पौष्टिक आहार और दिनभर में जरूर पीएं डेढ़ लीटर पानी Kanpur News

जागरण के हैलो डॉक्टर में वरिष्ठ फिजीशियन और मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. एसी अग्रवाल ने दी सलाह।

AbhishekThu, 20 Feb 2020 09:51 AM (IST)
मौसम बदलने से बढ़ी बीमारियां, सफाई के साथ खाएं पौष्टिक आहार और दिनभर में जरूर पीएं डेढ़ लीटर पानी Kanpur News

कानपुर, जेएनएन। मौसम बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपने लगे हैं, जो बीमारियों की वजह बन रहे हैं। इसलिए अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। पौष्टिक आहार का सेवन करें और दिनभर में कम से कम डेढ़ लीटर पानी जरूरी पीएं। हाथों की सफाई को विशेष तवज्जो देते हुए जिंदगी का हर पल निडर होकर जीएं। यह सलाह वरिष्ठ फिजीशियन और मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. एसी अग्रवाल ने दैनिक जागरण के हैलो डॉक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए दी।

पूछे गए सवाल और उनके जवाब

प्रश्न- बच्चों को सर्दी-जुकाम और पेट खराब होने पर क्या करें।- शिल्पा, श्याम नगर।

उत्तर- मौसम बदलने पर वायरल इंफेक्शन और एलर्जी से समस्या होती है। फूलों के परागकण हवा में उड़ते हैं जो श्वांस नली में एलर्जी करते हैं। बच्चों को पौष्टिक आहार दें ताकि प्रतिरोधक क्षमता बढ़े।

प्रश्न- मौसम बदलने पर बुजुर्गों को ही संक्रमण क्यों होता है। - रमा दीक्षित, किदवई नगर।

उत्तर- बुजुर्गों में मधुमेह और कुपोषण की वजह से इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। उनका टीकाकरण जरूरी है। हर साल फ्लू वैक्सीन और पांच साल में निमोनिया का टीका लगवाएं।

प्रश्न- गले में दर्द रहता है।- श्रद्धा द्विवेदी, पी रोड।

उत्तर- गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें।

प्रश्न- तीन दिन से बुखार, जुकाम और खांसी है। कोई गंभीर बात तो नहीं। -शिवानी, आइआइटी कानपुर।

उत्तर- घबराएं नहीं, यह सामान्य वायरल इंफेक्शन है।

प्रश्न- कई दिनों से जुकाम है, परेशानी तो नहीं। - इंदरजीत सिंह, गुमटी नंबर पांच।

उत्तर - मौसम बदलने पर ये समस्या होना सामान्य प्रक्रिया है। गुनगुना पानी पीएं।

प्रश्न- अस्थमा है, इस समय गले से सीटी जैसे बजती है।-शैलेश बाजपेई, जूही लाल कॉलोनी।

उत्तर-मौसम बदलने पर अस्थमा पीडि़तों की परेशानी बढ़ जाती है। विशेषज्ञ को दिखाकर दवा की डोज फिक्स कराएं।

प्रश्न- मां को दो माह से खांसी आ रही है।- जुबेर, नई सड़क।

उत्तर- लापरवाही न बरतें, तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

प्रश्न- डायबिटीज है। दोपहर में सो कर उठने पर बदन में दर्द व सुस्ती रहती है।- अशोक दीक्षित, यशोदा नगर।

उत्तर- डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और वजन नियंत्रित रखें। जांच भी कराएं।

प्रश्न-सुबह उठने पर सिर में दर्द रहता है।- सुरेंद्र तिवारी, गुमटी।

उत्तर- नींद पूरी नहीं होने से भी दर्द होता है। ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और गुर्दे की जांच कराएं।  

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