सीएसजेएमयू में एमबीबीएस की परीक्षा स्थगित, छात्रों के गुस्से पर बैकफुट पर आया विवि प्रशासन

छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) में एमबीबीएस की प्रथम सेमेस्टर के पिछले वर्ष हुई पूरक परीक्षा के चैलेंज मूल्यांकन का रिजल्ट जारी नहीं होने और एक फरवरी से परीक्षा तिथि घोषित करने पर नाराज छात्रों ने हंगामा किया।

Abhishek AgnihotriPublish: Sat, 29 Jan 2022 01:55 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 01:55 PM (IST)
सीएसजेएमयू में एमबीबीएस की परीक्षा स्थगित, छात्रों के गुस्से पर बैकफुट पर आया विवि प्रशासन

कानपुर, जागरण संवाददाता। छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) में मेडिकल छात्रों के हंगामे के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई है। मेडिकल परीक्षा का नया शेड्यूल अब विवि प्रशासन अगले फैसले के बाद तय करेगा। शुक्रवार देर शाम एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने हंगामा करते हुए पूरक परीक्षा के चैलेंज मूल्यांकन का परिणाम जारी न होने के बावजूद एक फरवरी से परीक्षा को लेकर विरोध जताया। कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक का घेराव करके रिजल्ट जारी करने की मांग की और आरोप लगाया कि विवि मूल्यांकन कर चुका है, लेकिन जानबूझकर रिजल्ट जारी नहीं कर रहा। देर रात विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों को सात फरवरी तक रिजल्ट जारी करने का भरोसा दिलाया और एक फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम स्थगित कर दिया। अब परीक्षा के लिए नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

क्या है पूरा मामला : सरस्वती मेडिकल कालेज के प्रथम वर्ष के छात्रों ने बताया कि उन्होंने 2019 में संस्थान में प्रवेश लिया था। प्रथम वर्ष के प्रोफेशनल एग्जाम जुलाई-अगस्त 2020 में होने थे, लेकिन विवि प्रशासन ने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए यह एग्जाम जनवरी-फरवरी 2021 में कराए। जुलाई में परीक्षा परिणाम आया तो 150 में से 135 छात्र अनुत्तीर्ण रहे। इसी तरह जीएसवीएम मेडिकल कालेज और हिंद इंस्टीट्यूट के भी करीब 40 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे थे। इन सभी विद्यार्थियों ने पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षा के लिए आवेदन किया तो सितंबर 2021 में पूरक परीक्षा हुई, लेकिन इसमें भी सरस्वती कालेज के सौ से ज्यादा और अन्य कालेजों में भी दो दर्जन से ज्यादा विद्यार्थी फेल हो गए। इसके बाद चैलेंज मूल्यांकन के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक मूल्यांकन का परिणाम जारी नहीं किया गया।

छात्रों ने कही ये बात : छात्रों का कहना है कि रिजल्ट जारी किए बगैर ही विवि प्रशासन ने एक फरवरी से प्रथम व द्वितीय प्रोफेशनल एग्जाम का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसमें विवि ने रिजल्ट के इंतजार में बैठे विद्यार्थियों को भी शामिल होने की छूट दी है, लेकिन ये छात्र परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह प्रथम वर्ष का इयर बैक एग्जाम दें या द्वितीय वर्ष की प्रोफेशनल परीक्षा। उन्होंने कहा कि एमसीआइ की गाइडलाइन के तहत अगर पूरक परीक्षा के परिणाम में कोई छात्र फेल होता है तो द्वितीय वर्ष की परीक्षा में पास होने के बाद भी उसे अनुत्तीर्ण ही माना जाएगा।

वर्ष 2017 के भी कई विद्यार्थी नहीं हुए पास : विद्यार्थियों ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रवेश लेने वाले एमबीबीएस के कई विद्यार्थी भी अब तक प्रथम वर्ष की परीक्षा पास नहीं कर सके हैं। इससे छात्रों के साथ ही उनके अभिभावक भी परेशान हैं। पाठ्यक्रम के अग्रिम वर्ष में न जा पाने के कारण बैंकों की ओर से एजुकेशन लोन की राशि भी नहीं दी जा रही है।

-छात्रों को भरोसा दिलाया गया है कि उनके चैलेंज मूल्यांकन का परिणाम सात फरवरी तक जारी कर दिया जाएगा। एक फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। नए कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी। -प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति सीएसजेएमयू

Edited By Abhishek Agnihotri

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