चोरों की पौ बारह, पुलिस दर्ज नहीं करती एफआइआर

पंवारा थाना क्षेत्र में चोरों व मवेशियों को उठा ले जाने वाले गिरोह का आतंक बढ़ता जा रहा है। इस महीने इलाके के विभिन्न गांवों में कई घटनाएं होने से लोग अपनी संपत्ति व मवेशियों को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। लोग पुलिस के रात्रि गश्त पर सवाल उठाने लगे हैं। चोरों को पकड़ना तो दूर पुलिस एफआइआर तक दर्ज नहीं करती।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 04:36 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:06 PM (IST)
चोरों की पौ बारह, पुलिस दर्ज नहीं करती एफआइआर

जागरण संवाददाता, मछलीशहर (जौनपुर) : पंवारा थाना क्षेत्र में चोरों व मवेशियों को उठा ले जाने वाले गिरोह का आतंक बढ़ता जा रहा है। इस महीने इलाके के विभिन्न गांवों में कई घटनाएं होने से लोग अपनी संपत्ति व मवेशियों को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। लोग पुलिस के रात्रि गश्त पर सवाल उठाने लगे हैं। चोरों को पकड़ना तो दूर पुलिस एफआइआर तक दर्ज नहीं करती।

दो जनवरी की रात हिम्मतपुर गांव में चोर तीन लोगों के घरों का ताले चटकाकर नकदी व आभूषणों समेत लाखों की संपत्ति समेट ले गए। पुलिस आज तक चोरों का पता नहीं लगा सकी है। नौ जनवरी की रात सजईंकला गांव निवासी हरिश्चंद्र सरोज के पशुशाला में बंधी भैंस खोल ले जाने वाले मवेशी चोरों को भी पुलिस आज तक पकड़ नहीं सकी है। 18 जनवरी की रात उचौरा बाजार में स्थित सराफा की दुकान शिवानी ज्वेलर्स के पीछे की दीवार में सेंध काटकर चांदी के पुराने आभूषण, सोने की कील, नथिया चोरी कर लेने वाले भी गिरफ्त से दूर हैं।

सजईंकला के लल्लन पटेल व बोग्गे पटेल और 19 जनवरी की रात पंवारा निवासी राजेंद्र मौर्य, राम जियावन सरोज व रिकू मिश्र की पाही का ताला चटकाकर स्टेब्लाइजर चोरी कर लेने वालों का भी पुलिस कोई सुराग नहीं पा सकी है। 20 जनवरी की रात बनकट निवासी गुलाबधर त्रिपाठी व राजधर त्रिपाठी के घर के सामने खड़े ट्रैक्टर की बैटरी चोर खोल ले गए। सूचना दिए जाने पर पुलिस मौका मुआयना करने तक नहीं आई। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

Edited By Jagran

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