कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस का नहीं हुआ निर्धारण

जागरण संवाददाता उरई कोविड मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस का निर्धार

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:52 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:52 PM (IST)
कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस का नहीं हुआ निर्धारण

जागरण संवाददाता, उरई : कोविड मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस का निर्धारण नहीं किया गया है। जिले में मौजूद 44 एंबुलेंस में कोई भी कोविड मरीज को लाने के लिए भेजा दिया जाता है। फिर वही सैनिटाइज करके जनरल मरीजों के लिए उपयोग किया जा रहा है।

संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच एंबुलेंस पर निर्भरता भी बढ़ रही है। गुरुवार को 124 नये मरीज आने से एंबुलेंस कर्मियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि किसी भी एंबुलेंस का निर्धारण कोविड के मरीज के लिए नहीं किया गया है। वहीं सैनिटाइजेशन करके जनरल मरीजों के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि आपात स्थिति से निपटने के लिए इसको अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। पीपीई किट, आक्सीजन सिलिडर मेडिकल किट भी उपलब्ध है।

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इस तरह के मौजूद हैं एंबुलेंस :

जिले में वर्तमान में 108 की 23, 102 की 21 एंबुलेंस हैं। वहीं चार एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस से गंभीर मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं। जिससे गंभीर मरीजों से लेकर कोविड मरीज तक का आसानी से सुविधा दी जा सकती है।

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कोहरे से निपटने के लिए फाग लाइट :

कोहरे की वजह से एंबुलेंस में फाग लाइट लगवाई जा रही है। कोरोना से बचने के लिए दो सौ पीपीई किट व ग्लब्स भी उपलब्ध जा रहे हैं। क्योंकि पहले व दूसरे चरण में लोगों की सेवा करते हुए कुल 10 एंबुलेंस कर्मी भी कोविड पॉजिटिव हो गए थे। ओमिक्रोन की आशंका को देखते हुए एक बार फिर मेडिकल टीम के साथ एंबुलेंस को मोर्चे पर लगाया जा रहा है। जिले में इस समय कुल 302 मरीज एक्टिव है। जिनका उपचार किया जा रहा है।

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किट में ये सामग्री मौजूद :

मेडिकल किट में दर्द निवारक स्प्रे, कैथेटर, पीसीआर सीट, डिस्पोजल कैप, सैनिटाइजर, मास्क, माइक्रोपोर टैप, मिस ड्रेस स्प्रे रखा गया है। आक्सीजन मास्क किट में मौजूद है।

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एंबुलेंस में ए बी व डी टाइप में हैं क्षमता के सिलिडर :

108 व 102 एंबुलेंस में ए बी व डी टाइप के सिलिडर रखे जाते हैं। डी-टाइप में 2100 लीट, बी टाइप में 1500 व ए टाइप में 400 लीटर आक्सीजन क्षमता के सिलिडर होते हैं। एएलएस एंबुलेंस में वेंटीलेटर भी मौजूद रहते हैं।

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जिले में 44 एंबुलेंस मौजूद हैं। कर्मचारियों को किया प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही एंबुलेंस के पायलट व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को भी प्रशिक्षण दिया गया है।

डा. वीरेंद्र कुमार, एसीएमओ

Edited By Jagran

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