कोहरे की चादर ओढ़ सोते रहे सूर्यदेव

कोहरा और बादलों के चलते नहीं निकली धूप दिनभर चली शीतलहर

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 05:24 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 05:24 AM (IST)
कोहरे की चादर ओढ़ सोते रहे सूर्यदेव

संवाद सहयोगी, हाथरस : कड़कड़ाती ठंड अब लोगों के लिए असहनीय हो गई है। रविवार को दिन सबसे अधिक ठंडा रहा। आसमान पर छाए बादलों व कोहरे के धुंध के चलते पूरे दिन धूप नहीं दिखी। सर्दी और शीतलहर की मार से बचने के लिए लोग घरों में ही कैद रहे। बाजारों में भी ग्राहकों का आवागमन कम रहा।

कई दिन से सर्दी के कारण आम जनजीवन पस्त है। शनिवार को दोपहर के समय धूप निकली थी मगर रविवार को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कोहरे के साथ बादलों के छाए रहने से दिन में भी शाम की तरह अंधेरा छाया रहा। गलन से लोगों का बुरा हाल था। घर के भीतर भी गलन पीछा नहीं छोड़ रही। बाहर शीतलहर सितम ढा रही थी। धूप नहीं निकलने से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। अवकाश का दिन होने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली।

अलाव का लिया सहारा

गलन ने हालत पस्त कर दी है। इससे बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों में भी लोग रूम हीटर का प्रयोग कर रहे हैं। शीतल जल के लिए लोगों को बर्फ की जरूरत नहीं रही। अब घरों में गर्म पानी की मांग बढ़ने से गीजर, पानी गर्म करने की राड का प्रयोग खूब हो रहा है। वहीं सादाबाद, सासनी व सिकंदराराऊ कस्बा व देहात क्षेत्रों में अलाव जलते दिख रहे हैं। गर्म कपड़ों की बढ़ी बिक्री

सर्दियों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ जाती है। रविवार को पूरे दिन धूप नहीं निकलने से अन्य बाजारों में ग्राहक कम रहे। वहीं संडे बाजार में गर्म कपड़ों की जमकर खरीदारी की गई। भीड़ के चलते यहां जाम लगता रहा। सर्दी से बचने ज्यादातर दुकानों पर महिलाएं गर्म कपड़ों में खरीदारी करती दिखीं।

अगले पांच दिन का तापमान

दिन, तापमान अधि.-न्यू.

16 जनवरी, 19-9

17 जनवरी, 21- 9

18 जनवरी, 19- 10

19 जनवरी, 21- 8

20 जनवरी, 21- 11 फसलों पर बढ़ा पाले का खतरा

कोहरे के साथ बादलों के छाए रहने से पूरे दिन धूप नहीं निकली। ऐसे में सर्दी बढ़ने से फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। खेतों में दिनभर ओस टपकते रहने से खेतों में काम करना भी मुश्किल हो रहा है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. रामपलट बताते हैं नमी के चलते फसलों में जड़ व तना गलन, झुलसा व माऊं रोग लगने लगा है। कीटनाशकों के प्रयोग से इसका बचाव किया जा सकता है।

Edited By Jagran

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