खुले में रखा क्रय केंद्रों का खरीदा गया सैकड़ों क्विंटल गेहूं

संवाद सहयोगी राठ गेहूं खरीद केंद्र में उठान न होने के कारण सैकड़ों क्विंटल खरीदा ग

JagranPublish: Mon, 10 May 2021 07:06 PM (IST)Updated: Mon, 10 May 2021 07:06 PM (IST)
खुले में रखा क्रय केंद्रों का खरीदा गया सैकड़ों क्विंटल गेहूं

संवाद सहयोगी, राठ : गेहूं खरीद केंद्र में उठान न होने के कारण सैकड़ों क्विंटल खरीदा गया गेहूं खुले आसमान तले रखा हुआ है। बारिश होने से शासन को लाखों का नुकसान हो सकता है। मौसम के उतार चढ़ाव के बीच बारिश से बचाव को कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं कस्बा में संचालित दो क्रय केंद्रों में मौजूदा में खरीद ठप्प है। जिससे किसान गेहूं बेंचने को परेशान हैं।

40 दिन पूर्व शासन के निर्देश पर किसानों का गेहूं खरीदने के लिए कस्बे में चार और ग्रामीण क्षेत्र बसेला, कुल्हैंडा, धनौरी, सरसई और बरदा गांव में गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के पांचों खरीद केंद्र बंद हो गए हैं। जिसके चलते क्षेत्र का किसान कस्बे में बने चार खरीद केंद्र के सहारे गेहूं बेच रहा है। लेकिन पीसीएफ गेहूं खरीद केंद्र के प्रभारी अब्दुल शहजाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के बाद से बीमार है उनकी हालत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जिससे 15 दिनों से खरीद केंद्र में ताला लगा हुआ है। राठ क्षेत्रीय सहकारी समिति केंद्र के प्रभारी भूपेंद्र पाल ने बताया कि किसानों से 4050 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। लेकिन खरीदें गए गेहूं की उठान न होने के कारण गेहूं के बोरे रखने के लिए स्थान नहीं है और सात दिन पहले ही गेहूं की खरीद रोकनी पड़ी। जब तक उठान नहीं होता तब तक गेहूं की खरीद नहीं होगी। भारतीय खाद्य निगम के प्रभारी नरेंद्र कुशवाहा ने बताया 260 किसानों से 14000 क्विटल गेहूं की खरीद कर ली गई है। गेहूं से भरे बोरों की उठान धीरे-धीरे की जा रही है। इस केंद्र पर कुर्रा गांव के प्रभु दयाल अपना 70 कुंटल गेहूं लिए बीते 25 दिन से तुलाई का इंतजार कर रहा, लेकिन उसे रोज वहां से चलता कर दिया जाता। एफसीआइ केंद्र के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि 13000 क्विंटल की खरीद हो चुकी है स्टाफ की कमी के कारण उठान देरी से हो पा रही है। राठ क्षेत्रीय सहकारी समिति और भारतीय खाद्य निगम गेहूं खरीद केंद्र में बोरो की उठान न होने के कारण किसानों से खरीदा गया सैकड़ों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा है। यदि बारिश हो जाती है तो सरकार को लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ सकता है।

Edited By Jagran

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