गोरखपुर में दीवानी कचहरी गेट के बाहर बिहार के युवक की दिनदहाड़ेे गोली मारकर हत्‍या

UP Crime News पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। दिलशाद हुसैन दुष्‍कर्म और पाक्‍सो एक्‍ट में आरोपित है और इस समय जमानत पर बाहर चल रहा है। उसका मुकदमा गवाही की प्रक्रिया में चल रहा है। आरोपित पकड़ लिया गया है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Fri, 21 Jan 2022 02:44 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:38 PM (IST)
गोरखपुर में दीवानी कचहरी गेट के बाहर बिहार के युवक की दिनदहाड़ेे गोली मारकर हत्‍या

गोरखपुर, संवाददाता। पूर्व फौजी ने नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपित युवक की 21 जनवरी को दोपहर कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी। बिहार के मुजफ्फपुर का रहने वाला दिलशाद पाक्सो कोर्ट में चल रहे मुकदमे की पैरवी करने कचहरी आया था। स्टैंड संचालक व गेट पर सुरक्षा में लगे दो सिपाहियों ने वारदात के बाद भाग रहे फौजी को दौड़ाकर असलहा समेत दबोच लिया। दिनदहाड़े कचहरी में हुई घटना से नाराज अधिवक्ता ने सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। एडीजी ने सुरक्षा में हुई चूक की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने का भरोसा देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया। एहतियात के तौर पर कचहरी के बाहर फोर्स तैनात कर दी गई है।

बीएसएफ से सेवानिवृत्‍त है आरोपित

बीएसएफ के सेवानिवृत्त जवान भागवत निषाद मूल रुप से बड़हलगंज के महराजगंज गांव के रहने वाले हैं।पटनाघाट तिराहा पर मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते हैं। मुजफ्फरपुर (बिहार) जिले के विधिपुरा शकरा निवासी दिलशाद हुसैन उनके घर के सामने पंक्चर की दुकान चलाता था। 12 फरवरी 2020 को दिलशाद ने भागवत की नाबालिग बेटी को अगवा कर लिया। खाेजबीन के बाद 17 फरवरी को भागवत ने दिलशाद के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया।

बड़हलगंज पुलिस ने हैदरबाद से किया था गिरफ्तार

12 मार्च 2021 को बड़हलगंज पुलिस ने दिलशाद को हैदराबाद में गिरफ्तार कर किशोरी को मुक्त कराया था।गोरखपुर लाने के बाद पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।किशोरी नारी निकेतन चली गई।दो माह पहले दिलशाद जमानत पर छूटा था। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट नम्बर चार में चल रहे मुकदमे में शुक्रवार को गवाही होनी थी।कोरोना संक्रमण के कारण वादकारियों का प्रवेश परिसर में वर्जित है।

अधिवक्‍ता को मिलने के लिए कचहरी गेट पर बुलाया था

दोपहर 1.15 बजे दीवानी कचहरी गेट पर पहुंचे दिलशाद ने 1.25 बजे अपने अधिवक्ता शंकरशरण शुक्ल मोबाइल पर फोन कर उन्हें मिलने के लिए गेट पर बुलाया। अभी अधिवक्ता से उसकी मुलाक़ात हो पाती इससे पहले ही भागवत निषाद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उसके सिर में पीछे की तरफ गोली मार दी जो ललाट के रास्ते बाहर निकल गई।सड़क पर गिरे दिलशाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

वाहन स्‍टैंड संचालक ने आरोपित को पकड़ा

घटना के बाद कचहरी से भागे भागवत को स्टैंड संचालक कन्हैया और गोली चलने की आवाज सुनकर दौड़े गेट नंबर एक पर तैनात सिपाही अमित यादव व सूर्य प्रकाश पटेल ने दौड़ाकर आंबेडकर चौराहा के पास पिस्टल समेत दबोच लिया।कचहरी में हत्या की सूचना मिलते ही एडीजी जोन अखिल कुमार, डीआइजी रेंज जे. रविंद्र गौड़, एसएसपी डा. विपिन ताडा भारी फोर्स के साथ पहुंच गए।प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।

कचहरी में असलहा लेकर पहुंचने की कराई जाएगी जांच

एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि कचहरी परिसर में सेवानिवृत्त फौजी असलहा लेकर कैसे पहुंचा इसकी जांच कराई जा रही है।जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।आरोपित को असलहे के साथ पकड़ लिया गया है।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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