चार साल में ही बदहाल हो गए 10 करोड़ की लागत से आसरा योजना में बने आवास

गुणवत्ता विहीन निर्माण के चलते पखवारा भर पहले ही ओवरहेड टैंक की सीढ़िया भरभरा कर गिर गई थी। हालांकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई। आवास व ओवरहेड टैंक के निर्माण के दौरान ही लोगों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाएं थे।

Navneet Prakash TripathiPublish: Sat, 22 Jan 2022 06:23 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 06:10 AM (IST)
चार साल में ही बदहाल हो गए 10 करोड़ की लागत से आसरा योजना में बने आवास

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान में चार वर्ष पूर्व आसरा आवास योजना के तहत बने आवास बदहाल हो गए है। फर्श व छत की प्लास्टर भी टूटने लगी है। इनमें रहने वाले लोगों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।

बने थे 168 लोहिया आवास

नगर पंचायत बभनान में वर्ष 2018 में आसरा योजना के तहत 10 करोड़ की लागत से 168 आवास लोहिया नगर वार्ड में तो 24 आवास पटेल नगर में वार्ड में बनाया गया था। पात्रों को आवासों का आवंटन भी करा दिया गया है। कुछ आवास अभी भी आवंटित नहीं हुए है। तीन मंजिला बने कुल 192 आवासों में एक कमरा, किचन, बाथरूम व शौचालय है। पेयजल के लिए लोहिया वार्ड में ओवरहेड टैंक बनवाया गया है।

निर्माण के कुछ दिन बाद ही ठप हो गई थी पेयजल आपूर्ति

निर्माण के कुछ दिन बाद से पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई। जिसके चलते कालोनीवासियों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है। गुणवत्ता विहीन निर्माण के चलते पखवारा भर पहले ही ओवरहेड टैंक की सीढ़िया भरभरा कर गिर गई थी। हालांकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई। आवास व ओवरहेड टैंक के निर्माण के दौरान ही लोगों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाएं थे। निर्माण के चार साल भी नहीं पूरे हुए कि आवास की फर्श, दीवार व छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है।

सता रहा छत व दीवार गिरने का भय

आवास में रह रहे लोगों में भय है कि गुणवत्ता विहीन निर्माण के चलते कहीं आवास की छत व दीवार ही न गिर जाए। लोहिया नगर वार्ड स्थित आसरा आवास में रह रहे सलिमुन्निसा, आफताब, हमीनुनिशा, मिथिलेश ने बताया कि दीवार की छत व फर्श का प्लास्टर अपने आप टूट कर गिर रहा है। थोड़ी सी बरसात होने पर छत टपकने लगता है। शौचालय भी बदहाल हो गए है।

कार्यदायी संस्‍था ने नहीं किया है हैंडओवर

नगर पंचायत बभनान के अधिशासी अधिकारी रमेश गुप्ता ने बताया कि अभी तक आसरा आवास के भवन को कार्यदायी संस्था ने नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं किया है। हालांकि आवास की बदहाली से एडीएम व कार्यदायी संस्था को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept