गोरखपुर में प्रधान पद के प्रत्याशी का निधन, रद्द हो सकता है मतदान Gorakhpur News

खोराबार ब्लाक के ग्राम पंचायत रामपुर में प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी उमेश गुप्ता का मंगलवार को इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। प्रधान के पद पर चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार की मतदान से पहले मृत्यु हो जाने पर मतदान रद्द करने का प्रावधान है।

Satish Chand ShuklaPublish: Wed, 14 Apr 2021 04:52 PM (IST)Updated: Wed, 14 Apr 2021 06:21 PM (IST)
गोरखपुर में प्रधान पद के प्रत्याशी का निधन, रद्द हो सकता है मतदान Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। खोराबार ब्लाक के ग्राम पंचायत रामपुर में प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी उमेश गुप्ता का मंगलवार को इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। वह मेडिकल कालेज में भर्ती थे। मतदान से दो दिन पूर्व प्रत्याशी का निधन हो जाने के कारण इस ग्राम सभा में मतदान निरस्त हो सकता है। हालांकि प्रत्याशी के निधन की आधिकारिक जानकारी न होने के कारण जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की है लेकिन उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली के प्रावधानों के अनुसार किसी प्रत्याशी का निधन होने पर ग्राम पंचायत प्रधान पद की निर्वाचन प्रक्रिया निरस्त हो जाती है।

जिले में 15 अप्रैल को मतदान होना है। रामपुर गांव में ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन करने वाले उमेश गुप्ता को प्रतीक चिन्ह भी आवंटित हुआ था। तबीयत बिगडऩे पर उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था।

यह है प्रावधान

प्रधान के पद पर चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार की मतदान से पहले मृत्यु हो जाने पर निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतदान रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया उसी तरह से शुरू की जाएगी, जैसे कोई नया चुनाव हो रहा हो। जिन प्रत्याशियों के पर्चे वैध पाए गए हैं, उन्हें नए सिरे से नामांकन करने की बाध्यता नहीं होगी। इसी तरह जिन प्रत्याशियों ने नाम वापस लेने का नोटिस दिया होगा, वे मतदान रद्द होने के बाद नामांकन नहीं कर सकेंगे। ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार की मृत्यु की दशा में भी मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह का कहना है कि किसी प्रत्याशी के निधन का समाचार नहीं है। लेकिन, यदि प्रधान पद के किसी प्रत्याशी का निधन मतदान से पहले हो जाता है तो मतदान रद्द करने का नियम है। आधिकारिक तौर पर सूचना मिलने के बाद इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निर्णय लिया जाएगा।

Edited By Satish Chand Shukla

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