पूर्वांचल के हजारों कामगारों की नौकरी पर खतरा, हवाई सेवा निलंबित हाेने से नहीं जा पा रहे खाड़ी देश

हवाई सेवा ठप होने से खाड़ी देशों में काम करने वाले कामगारों की नौकरी पर संकट पैदा हो गया है। जो लोग छुट्टी पर आए थे वह वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इनमें ऐसे लोगों की तादाद भी सैकड़ों में है जिनका वीजा दो माह में समाप्त हाे जाएगा।

Pradeep SrivastavaPublish: Tue, 18 May 2021 08:30 AM (IST)Updated: Tue, 18 May 2021 03:16 PM (IST)
पूर्वांचल के हजारों कामगारों की नौकरी पर खतरा, हवाई सेवा निलंबित हाेने से नहीं जा पा रहे खाड़ी देश

गोरखपुर, काशिफ अली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से विदेशों में काम करने वाले हजारों कामगारों की नौकरी पर बन आई है। खाड़ी देशों (सऊदी अरब, बहरीन, मस्कट, अबू धाबी, शारजाह, दुबई, कतर, कुवैत) में काम करने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित है। इन देशों में आवाजाही पर रोक के कारण जो लोग छुट्टी पर घर आए थे वह वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इनमें ऐसे लोगों की तादाद भी सैकड़ों में है जिनका वीजा दो माह में समाप्त हाे जाएगा।

दो माह में बहुतों का समाप्त हो जाएगा वीजा

फरवरी और मार्च में बड़ी संख्या में कामगार एक से तीन माह की छुट्टी पर घर लौटे थे। वे लोग वापस नौकरी पर लौटते इससे पहले कई देशों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारत से आने वाली उड़ानों पर राेक लगा दी। एयरलाइंस कंपनियों ने भी टिकट कैसिंल कर दिया। अग लोगों ने नौकरी जाने का डर सताने लगा है। सऊदी अरब के दम्माम में सेल्समेन का काम करने वाले हाटा के आफताब अहमद ने बताया कि उड़ानें निरस्त होने की वजह से नौकरी पर लौट नहीं पा रहे हैं। हो सकता है कि जब तक हालात सुधरे तक तक नौकरी ही चली जाए। 

परेशान हैं कामगार

दुबई में हैवी मोटर वाइडिंग का काम करने वाले गोरखनाथ के नसीर अहमद नौकरी को लेकर परेशान हैं। उन्हें 30 अप्रैल से पहले लाैटना था, लेकिन फ्लाइट न चलने से उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। बकौल नसीर, नेपाल के कठमांडू होकर जाने का सोचा, लेकिन किराया 60 हजार लग रहा था जो आम दिनों के मुकाबले पांच गुना ज्यादा था इसलिए इरादा बदल दिया। यूएई में सेल्समैन का काम करने वाले गुलरिया के प्रदीप कुमार ने बताया कि पांच मई को ज्वाइन करना था, लेकिन हवाई सेवा निलंबित होने से वापसी नहीं हो पा रही है। 

कंपनी के आश्वासन पर बंधी आस

हालांकि कंपनी ने आश्वासन दिया है कि फिलहाल उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। टूर एंड ट्रेवलर्स संचालक मोहम्मद सेराजुद्दीन ने बताया कि पूरे देश में करीब पांच लाख तथा गोरखपुर-बस्ती मंडल के दस हजार से ज्यादा लोगाें की वापसी कोरोना की वजह से नहीं हो पा रही है। कठमांडू में 2300 भारतीय फंसे हुए हैं जिन्हें अलग-अलग देशों में जाना था। दरअसल खाड़ी देशों ने जब भारत से आने-जाने वाली फ्लाइटों को निलंबित कर दिया तो बहुत से लोग कठमांडू में 14 दिन क्वारंटीन रहने के बाद खाड़ी के कुछ देशों में जा रहे थे, लेकिन उस पर भी अब रोक लग गई है।

Edited By Pradeep Srivastava

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